ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी ने रविवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की कीमत चुकानी ही होगी।
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया, जिसमें उसके 86 साल के सुप्रीम लीडर की मौत हो गई और मिडिल ईस्ट में जंग शुरू हो गई। खामेनेई के करीबी सहयोगी लारीजानी ने रविवार को एक्स पर पोस्ट किया, "हम अपने नेता और अपने लोगों के खून का बदला लगातार लेंगे। ट्रंप को इसकी कीमत चुकानी होगी और चुकानी ही होगी।"
ईरान ने पड़ोसी देशों को भी दी चेतावनी
लारीजानी ने एक्स पर एक अलग पोस्ट में ईरान के पड़ोसियों से यह भी कहा था कि उन्हें या तो यूएस को ईरान के खिलाफ अपने इलाके का इस्तेमाल करने से रोकना चाहिए या हमारे पास खुद ऐसा करने के अलावा कोई चारा नहीं होगा।"
उन्होंने कहा, "जब दुश्मन इस इलाके में मौजूद बेस से हम पर हमला करता है तो हम जवाब देते हैं और हम जवाब देते रहेंगे।" इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व कमांडर लारीजानी ने यह भी दावा किया कि ईरान ने कुछ अमेरिकी सैनिकों को पकड़ लिया है।
सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान ट्रंप को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा। लारीजानी ने कहा, "हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने जो किया है, उसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने हमारे लीडर को मारा और हमारे 1,000 से ज्यादा लोगों को शहीद कर दिया। यह कोई आसान बात नहीं है।"
ट्रंप ने धमकी को किया खारिज
वहीं, ट्रंप ने धमकियों को खारिज कर दिया और कहा कि वह लारीजानी को नहीं जानते। उन्होंने सीबीएस न्यूज से कहा, "मुझे नहीं पता कि वह किस बारे में बात कर रहे हैं, वह कौन हैं। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।" उन्होंने आगे कहा कि लारीजानी पहले ही हार चुके हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान पर अमेरिकी हमले जारी रहेंगे और तेहरान से बिना शर्त सरेंडर करने की मांग की।