आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। पवित्र रमजान माह के आखिरी जुमे यानी अलविदा जुमे के अवसर पर शुक्रवार को शहर की प्रमुख मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में मस्जिदों की ओर रवाना होने लगे और जुमा की नमाज अदा कर मुल्क व प्रदेश में अमन-चैन, भाईचारा और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी।
नगर की ऐतिहासिक शाही अटाला मस्जिद में मौलाना अहमद नवाज ने नमाजे जुमा अदा कराई, जबकि मौलाना आफाक ने रमजान माह की फजीलत बयान करते हुए कहा कि यह महीना इबादत, रहमत और बरकतों का महीना होता है। उन्होंने बताया कि रमजान में तरावीह की विशेष नमाज अदा की जाती है, जो केवल इसी महीने में पढ़ी जाती है और इसका विशेष महत्व है।
वहीं शाही जामा मस्जिद (बड़ी मस्जिद) में मौलाना अबू हुरैरा ने नमाज अदा कराई और नमाजियों से मुल्क में अमन-चैन और आपसी भाईचारा कायम रखने की दुआ करने की अपील की। मदरसा हनफिया, नवाब यूसुफ रोड स्थित मदीना मस्जिद में मौलाना अहमद रज़ा ज़ाफरी ने नमाज अदा कराई। इस दौरान मौलाना कयामुद्दीन ने अपने खिताब में कहा कि रमजान इबादत के साथ-साथ गुनाहों से बचने और तौबा करने का महीना भी है।
खानकाह मस्जिद में मौलाना हाफिज मेराज ने कहा कि रमजान में इबादत के साथ गरीबों, बेसहारा लोगों और विधवाओं की मदद करना भी बहुत बड़ा सवाब का काम है। इसके अलावा शाही किला मस्जिद, शाही झंझरी मस्जिद, शाही लाल दरवाजा मस्जिद, लाल मस्जिद, मोहम्मद हसन मस्जिद, इलाही मस्जिद उर्दू बाजार, आया मस्जिद, आलम मस्जिद, गौशाला मस्जिद, जकरिया मस्जिद, चहारसू मस्जिद, शाही पुल शेर मस्जिद, इंद्रा मार्केट मस्जिद, कचहरी मस्जिद, रेलवे स्टेशन मीरपुर मस्जिद और मियांपुर मस्जिद समेत आसपास की अन्य मस्जिदों में भी अलविदा जुमे की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई।
इस मौके पर मरकज़ी सीरत कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हाफिज शाह ने बताया कि सभी जुमा मस्जिदों में अलविदा जुमे की नमाज शांतिपूर्ण और धार्मिक माहौल में संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा विशेष सफाई व्यवस्था कराई गई तथा चूने का छिड़काव भी कराया गया, जिससे नमाजियों को काफी सहूलियत मिली। रमजान माह में प्रशासन द्वारा दी जा रही मूलभूत सुविधाओं से लोगों को इबादत करने में आसानी हो रही है।