अभियान को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मौके पर करीब 50 की संख्या में अधिकारी और पुलिसकर्मी तैनात रहे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आरआरएफ (रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स) की टीम भी लगातार निगरानी करती रही। पूरे क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बनी रही और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी।
ड्रोन उड़ाकर निगरानी
प्रशासन ने तकनीक का भी सहारा लिया। पूरे इलाके में ड्रोन उड़ाकर हालात पर नजर रखी गई, ताकि भीड़ या किसी संभावित विरोध की स्थिति का समय रहते आकलन किया जा सके। इसके अलावा दालमंडी क्षेत्र में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई थी, जिससे अनावश्यक आवाजाही को रोका जा सके और अभियान में किसी तरह की बाधा न आए।
स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। कुछ लोग जहां प्रशासन की कार्रवाई को जरूरी बता रहे हैं, वहीं कई लोगों में असंतोष भी देखा गया। हालांकि, भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते किसी तरह का विरोध खुलकर सामने नहीं आ सका।
बताया जा रहा है कि यह अभियान दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि अवैध निर्माणों को हटाकर इलाके को व्यवस्थित किया जाएगा, जिससे आने-जाने में लोगों को सहूलियत मिलेगी।
