ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमला अब 12वें दिन में प्रवेश कर चूका है। बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक थाई रजिस्टर्ड मालवाहक जहाज 'मायुरी नारी' पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज में भीषण आग लग गई।
यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा बंदरगाह से निकलकर भारत के गुजरात स्थित कंडला बंदरगाह की ओर जा रहा था। हमले के बाद जहाज पर काला धुआं उठता दिखा और चालक दल को जीवन राफ्ट के जरिए जहाज छोड़ना पड़ा।
होर्मुज जलडमरूमध्य में एक और हमला
रॉयल थाई नेवी ने बताया कि जहाज थाई कंपनी प्रेशियस शिपिंग का है, जो 178 मीटर लंबा बल्क कैरियर और लगभग 30,000 टन का है। हमला बुधवार को हुआ, जब जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने रिपोर्ट में कहा कि हमला ओमान के उत्तर में करीब 11 नॉटिकल मील दूर हुआ।
जहाज पर आग लगने के बाद चालक दल ने जहाज छोड़ दिया। न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक ओमानी नौसेना ने बचाव अभियान चलाया, जिसमें अब तक 20 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया है। तीन नाविक अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
थाई नौसेना ने क्या कहा?
थाई नौसेना ने बयान जारी कर कहा कि हमले का कारण जांच के दायरे में है। जहाज के इंजन रूम में क्षति पहुंची, जिससे जहाज नियंत्रण खो बैठा। रॉयल थाई नेवी की तस्वीरों में जहाज से उठता काला धुआं और पानी में तैरते जीवन राफ्ट दिखाई दे रहे हैं।यह घटना क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हुई है, जहां ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष तेज हो गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से दुनिया का लगभग एक पांचवां तेल निर्यात होता है। हाल के दिनों में कई जहाजों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे शिपिंग ट्रैफिक प्रभावित हुआ है। कई जहाज इस क्षेत्र से बचकर जा रहे हैं।
यूकेएमटीओ ने क्षेत्र में जहाजों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने की सलाह दी है। थाई अधिकारियों ने कहा कि लापता नाविकों की तलाश और जहाज की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आग पर अब नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन जहाज को हुए नुकसान का आकलन जारी है। यह घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए नई चुनौती पेश कर रही है।