ईरान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब उसकी मर्जी के बिना कोई जहाज आसानी से नहीं पार कर सकता है।
इस बीच कराची की ओर जा रहे एक कंटेनर जहाज को होर्मुज के मुहाने पर ही रोक दिया गया क्योंकि उसने पहले से अनुमति नहीं ली थी। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है।
जहाज का नाम SELEN है। यह 23 मार्च की रात को शारजाह एंकरेज से रवाना हुआ था। AIS ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक यह पाकिस्तान की ओर बढ़ रहा था, लेकिन होर्मुज के पास पहुंचते ही अचानक रुख बदलकर वापस खाड़ी की तरफ मुड़ गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने इस कार्रवाई की पुष्टि की।
रियर एडमिरल अलिरेजा तंगसीरी ने कहा कि जहाज कानूनी प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहा था और बिना अनुमति के गुजरने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने साफ कहा कि अब हर जहाज को ईरानी समुद्री अधिकारियों से समन्वय करके ही होर्मुज पार करना होगा।
SELEN एक छोटा फीडर कंटेनरशिप है। इसका IMO नंबर 9208459 है। यह सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे तले चलता है और दुबई की कंपनी एक्सीड ओशनिक ट्रेडिंग एलएलसी द्वारा मैनेज किया जाता है। जहाज को बिना किसी नुकसान के वापस भेज दिया गया, लेकिन यह घटना पूरे शिपिंग उद्योग के लिए चेतावनी भरी है।
पाकिस्तान की शांति पहल के बीच ईरान का सख्त रवैया
इसी दौरान पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कराने की पेशकश की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि इस्लामाबाद दोनों देशों के बीच व्यापक समझौते के लिए बातचीत की मेजबानी करने को तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शरीफ के इस बयान को अपने सोशल मीडिया पर शेयर भी किया, हालांकि उन्होंने वाशिंगटन के हिस्सा लेने की पुष्टि नहीं की।
ईरान की ओर से अभी तक कोई बातचीत चलने की पुष्टि नहीं हुई है। उल्टा, ईरान ने साफ कहा है कि फिलहाल कोई वार्ता नहीं हो रही और वह संघर्ष जारी रखने का इरादा रखता है। पाकिस्तान की यह कोशिश दोनों तरफ से दोस्ती के बावजूद ईरान के सख्त रुख को नहीं बदल पाई।
