देवल संवादाता,वाराणसी। महिला आत्मसम्मान सम्मेलन में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिलाओं से अपील कर कहा कि चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो, तभी अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई संभव है।
जीरो टॉलरेंस नीति और पुलिस की सख्त कार्रवाई के कारण महिला अपराधों में 60 से 74 प्रतिशत तक कमी आई है। पुलिस आयुक्त ने डिंपल देवी, अर्चना पटेल और शांति देवी को सम्मानित किया। सम्मेलन बड़ागांव थाना क्षेत्र के बाबतपुर में लॉन में बृहस्पतिवार को किया गया।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्कूल, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और जिम में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही प्रत्येक थाने पर मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां केवल महिला पुलिसकर्मी तैनात रहती हैं, ताकि अपनी शिकायत बेझिझक दर्ज करा सकें।
दिए गए निर्देश
2025 में रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत 5.53 करोड़ रुपये की सहायता महिलाओं को दी गई है। 2017 से लगातार कार्रवाई के चलते बलात्कार के मामलों में 74 प्रतिशत, छेड़खानी में 55 प्रतिशत, महिला हत्या में 60 प्रतिशत और पॉक्सो मामलों में 52 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के कारण अदालतों में सजा की दर भी बढ़ी है।
2020-21 में जहां 69 मामलों में 86 आरोपियों को सजा हुई थी, वहीं वर्ष 2024 से मार्च 2026 तक 118 मामलों में 166 अपराधियों को सजा दिलाई गई। 2025 में एक मामले में मृत्युदंड, 10 में आजीवन कारावास, 31 मामलों में 10 वर्ष से अधिक और अन्य मामलों में विभिन्न अवधियों की सजा दिलाई गई। गांवों और मोहल्लों से 2000 महिलाओं ने भाग लिया। डीसीपी गोमती आकाश पटेल, एडीसीपी गोमती नृपेन्द्र, एडीसीपी महिला अपराध नम्रिता श्रीवास्तव ने संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।