आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 240 मोबाइल फोन उनके स्वामियों को वापस सौंपे हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 45 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
इस अभियान का संचालन अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं नोडल साइबर थाना आयुष श्रीवास्तव के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में किया गया। पुलिस टीम ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों सहित अन्य जिलों से मोबाइल फोन बरामद किए।
पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, बलिया, प्रतापगढ़ और भदोही जैसे जनपदों के अलावा दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों से भी खोजे गए हैं। बरामद मोबाइलों में वनप्लस, वीवो, रेडमी, ओप्पो, रियलमी, टेक्नो, पोको, नोकिया और सैमसंग जैसी कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक आयुष श्रीवास्तव ने सभी बरामद मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपते हुए बताया कि अब तक कुल 1400 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर लोगों को वापस किए जा चुके हैं। अपना खोया मोबाइल वापस पाकर लोग काफी खुश और संतुष्ट नजर आए।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर शिकायत अवश्य करें। साथ ही साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल पर विश्वास न करें।
बैंक से संबंधित जानकारी के लिए सीधे बैंक से संपर्क करें।
अज्ञात व्यक्ति के निर्देशों का फोन पर पालन न करें।
अपनी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें।
अनजान लोगों के साथ वीडियो कॉलिंग से बचें।
किसी भी संदिग्ध लिंक या QR कोड पर क्लिक/स्कैन न करें।
टीम व्यूअर, एनीडेस्क जैसे रिमोट ऐप किसी के कहने पर इंस्टॉल न करें।
पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI पिन या MPIN दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती।
अंत में पुलिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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