देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। उरमौरा स्थित गायत्री भवन परिसर में अयोध्या धाम से आए कथा व्यास मनीष शरण महाराज ने सोमवार को प्रथम दिवस की चर्चा में भागवत जी के महात्म की कथा सुनाते हुए कहा कि भागवत जी की कथा सुनने से धुंधकारी जैसे राक्षस को भी भगवतधाम मिला।
महराज जी ने बताया कि हमारे पूर्वजों ने एक नियम बनया कि जब भी किसी ग्रन्थ या किसी भी हिन्दू सनातन से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन होता है तो सबसे पहले उसके महात्मय जानना चाहिए। उन्होंने कहा कि धुंधकारी जैसे पतित ब्रह्म राक्षस जो पाप से ग्रसित हो गया था और अपने समस्त व्यवहार से तेजहीन हो गया था उसे भी भागवत जी की कथा सुनने से भगवतधाम मिला और उसे मुक्ति मिली।
इस अवसर पर कथा के मुख्य यजमान वरिष्ठ अधिवक्ता पवन मिश्र, आचार्य विनय कुमार शुक्ल, महेश शुक्ल, पंडित बद्री प्रसाद मिश्र समेत भक्तगण, महिलाएं और बच्चे भी मौजूद रहे।
