देवल संवाददाता, मऊ। मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव द्वारा 'एक जनपद एक उत्पाद' (ODOP) योजना के अंतर्गत संचालित 10 दिवसीय कौशल एवं उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया और कार्यक्रम की गुणवत्ता व व्यवस्थाओं का जायजा लिया।मुख्य विकास अधिकारी ने प्रशिक्षण केंद्र में उपस्थित कारीगरों और उद्यमियों से उनके द्वारा सीखे जा रहे कौशल के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण को केवल औपचारिकता न समझा जाए,बल्कि इसे आधुनिक बाजार की मांगों के अनुरूप बनाया जाए।निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि इस 10 दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय शिल्पकारों को केवल हुनरमंद बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्वावलंबी उद्यमी के रूप में विकसित करना है।उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी पात्र प्रशिक्षणार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली उन्नत टूलकिट समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपना स्वरोजगार तत्काल शुरू कर सकें।मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित उपायुक्त उद्योग राजेश रोमन को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण स्थल पर सफाई, पेयजल और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
"ODOP योजना हमारे स्थानीय शिल्प की आत्मा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से हम न केवल रोजगार पैदा कर रहे हैं,बल्कि अपनी पारंपरिक कला को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए नई पीढ़ी को तैयार कर रहे हैं।