देवल संवाददाता, आजमगढ़। जिले के बरदह थाना क्षेत्र में रोडवेज बस चालक व परिचालक पर जानलेवा हमला कर सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशनदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड भी बरामद की गई है। वही पुलिस का दावा है कि चालक परिचालक पर जानलेवा हमला हुआ था लेकिन लूट की घटना नहीं हुई थी।
मंगलवार को पीडित परिचालनक दीपक दीक्षित पुत्र अशोक कुमार दीक्षित, निवासी बेहटा गोकुल जनपद हरदोई ने थाना बरदह पर तहरीर दी कि एक फरवरी को वह रोडवेज बस को लेकर प्रयागराज से गोरखपुर जा रहे थे। भीरा क्षेत्र में कुछ लोगों ने बस रुकवाकर चालक से गाली-गलौज की और बस का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद चालक को नीचे उतारकर मारपीट की गई।
जब परिचालक दीपक दीक्षित बीच-बचाव करने उतरे तो उनके साथ भी मारपीट की गई और बैग से लगभग दस हजार रुपये नकद व मार्ग पत्र छीन लिया गया। आरोपियों ने लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया, जिससे परिचालक को जान बचाकर छिपना पड़ा। तहरीर के आधार पर थाना बरदह पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना में लूट होने का प्रमाण नही मिला जबकि बस चालक व परिचालक पर प्राणघातक हमला प्रमाणित पाए जाने पर अभियोग में आवश्यक विधिक संशोधन किया गया।
विवेचना के दौरान अभियुक्त विनय कुमार सरोज पुत्र जमुना प्रसाद सरोज निवासी ग्राम परसौली थाना बरदह जनपद आजमगढ़ तथा इन्द्रसेन राजभर पुत्र धर्मराज राजभर निवासी ग्राम रफीपुर पोस्ट पारा थाना शाहगंज जिला जौनपुर के नाम सामने आए।
मंगलवार को उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पटेल मय पुलिस बल ने मुखबिर की सूचना पर जौतीपुर मोड़ से सुबह दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त इन्द्रसेन राजभर की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक अदद लोहे की रॉड भी बरामद की गई है।