पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने अपनी सरकार द्वारा टी20 वर्ल्ड कप-2026 में भारत के खिलाफ मैदान पर न उतरने के बाद आईसीसी द्वारा जारी किए गए बयान को लेकर उसकी आलोचना की है। लतीफ ने आईसीसी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह इस समय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की कठपुतली की तरह काम कर रहा है।
लतीफ ने कहा है कि आईसीसी को एक स्वतंत्र संस्था की तरह काम करना चाहिए और इसे किसी के प्रभाव में नहीं आना चाहिए। लतीफ का ये बयान तब आया है जब पाकिस्तानी सरकार के बयान के बाद आईसीसी ने कहा कि अगर वह भारत के खिलाफ मैच का बायकॉट करता है तो इसके गंभीर परिणाम उसे भुगतने पड़ सकते हैं।
आईसीसी की विश्वसनीयता पर सवाल
लतीफ ने स्पोर्ट्सबूम को दिए अपने इंटरव्यू में क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा, "आईसीसी के बारे में ये धारणा बन गई है कि वह बीसीसीआई के कठपुतली के तौर पर काम करती है और एक ऐसी संस्था है जो राजनीतिक प्रभाव में रहती है जिससे आईसीसी की विश्वसनीयता पर काफी हद तक नष्ट हो चुकी है।"
लतीफ ने कहा कि आईसीसी को अब अपनी संस्थाई स्वतंत्रता को दोबारा स्थापित करना होगा और बताना होगा कि वह किसी के दबाव में नहीं रहती है। उन्होंने कहा, "इस समय ये जरूरी है कि आईसीसी अपनी संस्थाई स्वंतत्रता को दोबारा स्थापित करे, सभी लोगों को साथ लेकर चलने की पॉलिसी को अपनाए और लोकतांत्रित सिद्धांतों पर काम करे, जिसमें किसी भी एक देश का प्रभाव शामिल न हो। सिर्फ इसी तरह से आईसीसी अपने प्रशासनिक कार्य में विश्वास दोबारा स्थापित कर सकती है।"
आईसीसी को करना है अहम फैसला
लतीफ ने कहा कि आगे भी भारत और पाकिस्तान के बीच मैच होंगे और ऐसे में आईसीसी को इस मैच को लेकर काफी सोच समझकर फैसला करना होगा क्योंकि ये मैच अच्छी-खासी कमाई का जरिया हैं। लतीफ ने कहा, "अगली कर्मिशियल साइकिल को देखते हुए भारत और पाकिस्तान के मैचों को लेकर जोखिम बढ़ा गया है। इन मैचों के बिना आईसीसी स्पांसरशिप अरैंज करने, ब्रॉडकास्ट हासिल करने और वित्तीय मदद हासिल करने में पहले की तुलना में काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है। इसलिए आईसीसी के लिए ये जरूरी है कि वह सोच समझकर फैसला करे।"