अमेरिका काफी समय से यह दावा करता आया है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है। अब अमेरिका के इन दावों को रूस ने जवाब दिया है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मंगलवार को कहा कि रूस ने भारत से रूसी तेल खरीद रोकने के बारे में कोई बयान नहीं सुना है।
रूस ने अमेरिका के दावों का किया खंडन
दिमित्री पेसकोव का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दावे के एक दिन बाद आया है। ट्रंप ने कहा था, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका के जरिए वेनेजुएला से बहुत अधिक तेल खरीदने पर सहमति जताई है।'
पेसकोव ने कहा, 'हमने इस मामले पर भारत से अभी तक कोई बयान नहीं सुना है।'रूसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रेमलिन के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि रूस हर संभव तरीके से भारत के साथ अपने संबंधों को विकसित करना जारी रखना चाहता है।
रूस के ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों ने भी कहा कि उनके पास भारतीय रिफाइनरियों से कॉन्ट्रैक्ट रद करने का कोई नोटिस नहीं मिला है।
अमेरिका ने भारत पर लगा टैरिफ घटाया
अमेरिकी राष्ट्रपत डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार, 2 जनवरी को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट में ट्रंप ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की है।
ट्रंप ने इस बातचीत के बाद घोषणा की कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसके तहत अमेरिका ने भारत पर लगे टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है।
ट्रंप ने पिछले साल भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जो दुनिया में किसी भी देश पर लगे सबसे ज्यादा टैरिफ में से एक था, जिसमें रूसी ऊर्जा की खरीद पर 25 प्रतिशत लेवी शामिल थी।