केरल विधानसभा में सबरीमाला मंदिर के सोने की चोरी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान नाटकीय दृश्य देखने को मिले, जिसमें एक कांग्रेस विधायक ने अध्यक्ष की कुर्सी पर चढ़ने का प्रयास किया, जिससे कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
बाद में सुरक्षा कर्मियों ने भी मंच के सामने विपक्ष के विधायकों द्वारा उठाए गए बैनर को बलात खींच लिया। सुरक्षा कर्मियों की कार्रवाई के बाद और अधिक यूडीएफ विधायकों ने मंच पर चढ़ने का प्रयास किया।
सदन में हंगामे के बीच अध्यक्ष को फिर से सदन को थोड़ी देर के लिए स्थगित करना पड़ा, क्योंकि सत्तारूढ़ मोर्चे के विधायक विपक्ष की कार्रवाई पर हंसते हुए देखे गए।
विपक्ष ने सदन में असहयोग की घोषणा की, जबकि राज्य सरकार में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय करार दिया।
विपक्ष ने सरकार पर लगाया आरोप
कांग्रेस-नेतृत्व वाले यूडीएफ विपक्ष ने मंगलवार, 3 जनवरी को सबरीमाला सोने की चोरी मामलों की एसआइटी जांच में मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए घोषणा की कि वे अब सदन के साथ सहयोग नहीं करेंगे। इसी के साथ विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष एएन शमसीर को यूडीएफ के बहिष्कार के निर्णय की जानकारी दी। सतीशन ने दावा किया कि ऐसे हालात बनाए जा रहे हैं कि दोनों मामलों के आरोपित जमानत पर बाहर आ सकें और इस प्रकार, जांच में बाधा डाल सकें।
विपक्ष ने किया सदन की कार्यवाही का बहिष्कार
इन सभी कारणों से विपक्ष पूर्ण रूप से सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर रहा है और मुख्यमंत्री विजयन की प्रतिक्रिया सुने बिना विपक्ष विधानसभा से बाहर चला गया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विपक्ष के विधायक सुरक्षा कर्मियों पर बैनर के डंडे से हमला कर रहे थे। अध्यक्ष शमसीर ने भी कुछ विपक्षी विधायकों द्वारा मंच पर चढ़ने के आचरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने विपक्ष के विधायकों को सुरक्षा कर्मियों को उकसाने का दोषी ठहराया।