विकासखंड के जनता दर्शन में ग्राम पंचायत सचिवो के न बैठने से आम जनमानस को उठानी पड़ती है ज्यादा दिक्कत
कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।आलापुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत जहागीरगंज विकासखंड में कार्यरत अधिकारियों के कार्यालय आने और जाने का कोई भी समय निर्धारित नहीं है जबकि शासन स्तर से निर्देशित किया गया है कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालय में सुबह 10:00 से दोपहर 12:00 तक अपने कार्यालय में बैठकर आम जनमानस की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करें। इन निर्देशों को विकासखंड जहागीरगंज में कार्यरत अधिकारी नहीं मानते हैं। सोमवार की सुबह मीडिया पड़ताल में पाया गया कि जहागीरगंज विकासखंड के अंदर स्थित राजकीय बीज भंडार में प्रभारी कृषि रक्षा अधिकारी संजीव कुमार कार्यालय में बैठकर किसानों की समस्याओं का निस्तारण कर रहे थे तो वहीं पर सहायक विकास कृषि अधिकारी रमेश कुमार वर्मा और कंप्यूटर ऑपरेटर देवेंद्र कुमार वर्मा कार्यालय में अनुपस्थित थे।
वहीं पर सहायक खंड विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार सिंह, समाज कल्याण अधिकारी चंद्रभूषण, बाल विकास परियोजना अधिकारी विनोद कुमार कार्यालय में नदारत थे। बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में बी सी रागनी पाल और एक सहायिका अपना काम कर रही थी।
इन अधिकारियों के बाद खंड विकास अधिकारी के कार्यालय में कोई भी पंचायत सचिव उपस्थित नहीं थे। यह कोई पहला मौका नहीं है कि ग्राम पंचायत सचिव खंड विकास अधिकारी के कार्यालय में नहीं रहते हैं। खंड विकास अधिकारी के कार्यालय में ग्राम पंचायत सचिवो के न रहने की वजह से आम जनमानस को उनको खोजने के लिए भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
जब इस विषय में प्रभारी खंड विकास अधिकारी रवींद्र कुमार चक्रवर्ती से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि राजकीय कृषि बीज भंडार के सहायक कृषि अधिकारी रमेश कुमार वर्मा छुट्टी पर हैं। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी चंद्रभूषण छुट्टी पर हैं। पंचायत सहायक योगेंद्र कुमार सिंह की ड्यूटी एस आई आर में लगाई गई है। जब उनसे इस विषय में पूछा गया कि जनता दर्शन का समय 10 बजे से 12 बजे का समय निर्धारित है तो उनके स्थान पर जिस भी अधिकारी को प्रभार दिया गया हो आखिर वह अपने स्थान पर क्यों नहीं रहते तो उन्होंने इस विषय में कुछ भी जानकारी नहीं दिया।
जब ग्राम पंचायत सचिव के विषय में जानकारी किया गया तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव का कार्य क्षेत्र गांव में होता है वह ज्यादातर गांव में ही रहते हैं।