देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के विभिन्न अनुभागों एवं विभागीय कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पत्रावलियों के अस्त-व्यस्त रख-रखाव और स्वच्छता के प्रति उदासीनता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को सुधार के लिए निर्देशित किया।
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के विभिन्न कक्षों मसलन मीटिंग हाल, न्याय सहायक अनुभाग, सामान्य कार्यालय, पासपोर्ट अनुभाग, राजस्व सहायक अनुभाग, स्थानीय निकाय अनुभाग, रिकॉर्ड रूम, मुख्य राजस्व अनुभाग, नजारत अनुभाग का बारीकी से जायजा लिया। जिलाधिकारी ने प्रत्येक पटल पर जाकर वहां लंबित कार्यों की प्रगति जानी और कर्मचारियों से पत्रावलियों की स्थिति के बारे में पूछताछ किए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने देखा कि अनुभागों में पुरानी फाइलें और महत्वपूर्ण पत्रावलियां को उचित ढंग से सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। कहा कि पत्रावलियों का प्रबंधन इस प्रकार होना चाहिए कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें खोजने में समय नष्ट न हो और कोई भी नए कर्मचारी भी खोज सकें। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यालय के कार्यों का संपादन कराना संबंधित विभागीय अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है, अधिकारी अपने कार्यों को पूरी तरह अधीनस्थों के सहारे न छोड़। निर्देश दिए कि अधिकारी स्वयं विभागीय आदेशों और नियमों का भली-भांति अध्ययन करें और अपने मार्गदर्शन में ही पत्रावलियों की कार्यवाही सुनिश्चित कराएं। किसी भी स्तर पर पाई गई त्रुटि के लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। कलेक्ट्रेट परिसर की सुंदरता और सफाई को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष निर्देश दिए। कहा कि कार्यालय कक्षों के साथ ही पूरे परिसर में स्वच्छता बनी रहनी चाहिए। उन्होंने सभी कार्यालयाध्यक्षों को अपने-अपने अनुभागों में सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को भी तकनीकी व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मौके पर उपस्थित अपर जिलाधिकारी (विरा) वागीश कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश कुमार, प्रशासनिक अधिकारी रामलाल यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी इंद्रभान सिंह, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर दिव्यतोष मिश्रा, कलेक्ट्रेट नाजिर बाबू लाल आदि मौजूद रहे।
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