देवल संवाददाता, आजमगढ़ शहर से सटे बेलईसा रेलवे ओवर ब्रिज के बगल में एक नया ओवर ब्रिज सेतु निगम की तरफ से बन रहा है। इसी मामले में सेतु निगम के अधिकारियों पर आरोप है कि बिना नोटिस के उन्होंने पहले से मौजूद ओवर ब्रिज के बगल में मौजूद मकान पर बिना नोटिस के जेसीबी से तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद हड़कंप मच गया। मकान मालिकों ने हंगामा कर दिया। जिसके बाद टीम वापस लौट गई। पीड़ित रामविलास साहू ने बताया कि उनका डेढ़ सौ साल पुराना मकान है। आबादी की जमीन है लेकिन इसके बाद भी नोटिस नहीं दी गई और सीधे जेसीबी चला दिया गया। इस दौरान ना तो प्रशासन और ना ही पुलिस मौजूद थी। जब इस तरह की कार्रवाई का विरोध किया गया तो सेतु निगम के अधिकारी जेसीबी लेकर फरार हो गए। लेकिन तब तक बहुत नुकसान पहुंचा दिया गया था। उस समय ज्यादातर लोग घर पर नहीं थे या इधर-उधर थे। भागवत प्रसाद तिवारी ने भी कहा कि उनको भी कोई नोटिस नहीं मिली। उनका पुल बनने पर कोई विरोध नहीं है। लेकिन इसमें मुआवजा तय करके जमीन ली जाए। इसके बाद मकान को तोड़ा जाए।