देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। विधानसभा क्षेत्र 401 के सदर ब्लाक अंतर्गत लसड़ा गांव में संचालित राइस मिलें ग्रामीणों के लिए जहर उगलती चिमनियों में तब्दील हो चुकी हैं। लगातार उड़ती राख, खुलेआम कचरा डंपिंग और प्रशासनिक चुप्पी से त्रस्त ग्रामीणों का सब्र सोमवार को टूट गया। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र के नेतृत्व में हजारों लोगों ने मानव शृंखला बनाकर प्रदूषण के खिलाफ निर्णायक विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संदीप मिश्र ने दो टूक कहा कि राइस मिलों से निकलने वाली राख ने आम जनता की जिंदगी नर्क बना दी है। हमारे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सांस नहीं ले पा रहे हैं। खेतों में खड़ी फसलें राख से जल रही हैं। यह उद्योग नहीं, जनसंहार है और प्रशासन आंख मूंदकर बैठा है। कहा कि मिलों से उत्पन्न प्रदूषण से पाली, बिजौली, हरहुआ, अमौली, लसड़ा, अकछोर, रमना, बगार, धोबही, करारी, सिरपालपुर, बेठीगांव समेत 15 से 20 गांवों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। दर्जनों लोग दमा और सांस की गंभीर बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि घर के अंदर रहना भी सुरक्षित नहीं है। इस दौरान लोगों ने राइस मिलों पर सिरोही नदी को पाटकर अवैध अतिक्रमण करने का भी गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना रहा कि सिरोही नदी की निर्मलता और अविरलता को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। यह नदी बेलन की सहायक है, ऐसे में आने वाले समय में पूरा क्षेत्र जल प्रदूषण की चपेट में आ सकता है। राइस मिलों से जुड़े भारी वाहन दिन-रात रफ्तार भरते हैं, जिससे आएदिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई शिकायतों के बावजूद न तो वाहनों पर कार्रवाई हुई, न ही मिलों पर। ग्रामीणों का आरोप है कि मिल संचालकों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं कराया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मौके पर विजेंद्र पांडेय, संतोष पांडेय, अरुण पांडेय, सोनू पासवान, राजू लोहार, ऋषभ चौबे, आकाश चौहान, शत्रुधन बिंद, राम आसरे कनौजिया, दिनेश चेरो, काजू, संदीप, फूलगेना अतवारी, सुनील चुटकुल, मुराहु, अजय सैनी आदि मौजूद रहे।
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