देवल संवाददाता, आजमगढ़। जिले के थाना सिधारी पुलिस ने संवेदनशीलता, तत्परता और उत्कृष्ट पुलिसिंग का परिचय देते हुए 7 वर्षीय दिव्यांग बालक यश गुप्ता को मात्र 3 घंटे में सकुशल परिजनों से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की है।
गुरुवार को आवेदिका प्रीति गुप्ता पत्नी धीरज गुप्ता, निवासी साईचक, बेउर, पटना (बिहार) ने थाना सिधारी में सूचना दी कि वे अपने रिश्तेदार राजेश साहू, निवासी हरबंशपुर तिराहा, आजमगढ़ के घर आई हुई थीं, जहां उनका 7 वर्षीय श्रवण-बाधित (दिव्यांग) पुत्र यश गुप्ता दोपहर लगभग सवा दो बजे से लापता हो गया।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सिधारी एवं पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। बालक की विशेष स्थिति को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अत्यंत संवेदनशीलता और सावधानी के साथ खोजबीन की।
त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप केवल 3 घंटे में यश गुप्ता को सकुशल बरामद किया गया। इसके बाद बालक को विधिक औपचारिकताओं के पश्चात उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया, जिससे परिवार में खुशी का माहौल बन गया।
परिजनों ने आजमगढ़ पुलिस की त्वरित कार्यवाही, समर्पण और मानवीय दृष्टिकोण की भूरि-भूरि प्रशंसा की और आभार व्यक्त किया।