देवल संवाददाता, मऊ। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा मऊ सेवा केंद्र पर 90 वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव के रूप में आज बड़े धूमधाम से शिवरात्रि का त्यौहार मनाया गया। परमात्मा शिव के ज्योति स्वरूप चिन्ह शिवलिंग के साथ शंकर की झांकी के साथ झंडा रोहन का कार्यक्रम रखा गया जिसमें संस्था से जुड़े सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।महाशिवरात्रि के आध्यात्मिकता को बताते हुए ब्रह्माकुमारी विमला दीदी जी ने कहा कि परमात्मा शिव को इस धरा पर आए 90 वर्ष का समय पूरा हो चुका है उन्होंने यह भी बताया कि परमात्मा शिव ही हम सभी आत्माओं के परमपिता है और उन्हें ही अलग-अलग धर्म में अलग-अलग नाम से जाना जाता है व उसकी आराधना की जाती है। परमात्मा के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए यह बताया गया कि उनका स्वरूप ज्योतिर बिंदु और प्रतीक चिन्ह शिवलिंग है,वे सर्व देवी देवताओं के रचनाकार है। परमात्मा गीता में दिए हुए अपने वचन को निभाने के लिए इस धरा पर आ चुके हैं और सर्व मानव मात्र को सत्य ज्ञान देकर पावन बना रहे हैं और सृष्टि परिवर्तन का कार्य कर रहे हैं। भारत को पुनः देवभूमि बनाने के लिए ज्ञान और राजयोग के द्वारा सनातन धर्म की स्थापना का कार्य इस संस्था के माध्यम से पूरे विश्व में करा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था पिछले 90 वर्षों से देश-विदेश में स्थित 10000 सेवा केंद्र के माध्यम से लोगों को नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही है इसी का परिणाम है कि आज लाखों लोगों ने अपने जीवन में मूल्यों को अपनाकर व्यसनों को छोड़ा है और सुखमय जीवन की राह पकड़ी है, जो कि विश्व शांति की दिशा में एक सराहनीय कदम है।उक्त अवसर पर डॉक्टर एस सी तिवारी, डॉक्टर ए पी जायसवाल,डॉ सुरेश मौर्य,डॉ अनिल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।