देवल संवादाता,वाराणसी।नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने रविवार को सर्किट हाउस में बैठक कर पार्षदों से संवाद किया। मंत्री ने शहरी ढांचे और सुंदरीकरण को लेकर कड़ा रुख अपनाया और नगर आयुक्त को सख्त निर्देश दिए कि बरसात शुरू होने से पहले शहर के सभी 250 गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (जीवीपी) को पूरी तरह समाप्त कर वहां सुंदरीकरण कराया जाए। इसके साथ ही सड़कों या गलियों में पत्थर या ईंट के टुकड़ों को तत्काल हटाने और कच्ची पटरियों पर इंटरलॉकिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
मंत्री ने कहा कि शहर का कोई भी हिस्सा धूल भरा या अव्यवस्थित न दिखे। बिजली विभाग के संदर्भ में उन्होंने पार्षदों से कहा कि कहीं भी बांस-बल्ली के सहारे लटके खतरनाक तारों की सूचना तत्काल व्हाट्सएप पर दें। मंत्री ने पार्षदों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन अपने क्षेत्र के लोगों से मिलें और उन्हें गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने विशेष रूप से पार्षदों से अपील की कि वे अपने वार्ड के स्कूलों और कॉलेजों में जाकर प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और बच्चों के साथ संवाद करें ताकि नई पीढ़ी इस मुहिम का हिस्सा बने।
इसके अलावा, मंत्री ने बाजारों में दुकानदारों को अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखने के लिए टोकने और सफाईकर्मियों की उपस्थिति का सटीक रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी भी तय की। नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे केवल डिजिटल अटेंडेंस पर निर्भर न रहकर मौके पर जाकर सफाईकर्मियों की भौतिक उपस्थिति की जांच करें और यदि कोई अनुपस्थित है, तो उससे व्यक्तिगत संपर्क कर कारण जानें।
पीएम के संसदीय क्षेत्र को स्वच्छता सर्वेक्षण में दिलाना है शीर्ष स्थान
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी को स्वच्छता सर्वेक्षण की राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान दिलाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां की बेहतर रैंकिंग केवल कागजी कार्रवाई से नहीं बल्कि वास्तविक जनसहभागिता से ही संभव है। पिछली बार सोर्स सेग्रिगेशन यानी कूड़ा पृथकीकरण में महज 63 प्रतिशत अंक मिलने के कारण शहर 17वें स्थान पर पिछड़ गया था।
पार्षदों ने उठाई जनसमस्याएं, मंत्री ने दिए समाधान के निर्देश
संवाद के दौरान पार्षदों ने अपने क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं को प्रखरता से रखा। पार्षद अजय चौधरी ने शहर में डस्टबिन रखने, पार्षद इंद्रेश कुमार ने नियमित रूप से शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने की बात कही। पार्षद अभय कुमार पांडेय ने सारनाथ क्षेत्र के लो-लैंड (निचला इलाका) होने के कारण वहां होने वाली जल-निकासी की समस्या से मंत्री को अवगत कराया।
कचरा प्रबंधन के लिए नई कार्ययोजना और आधुनिक संयंत्रों की तैयारी
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पीपीटी के माध्यम से शहर की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि अब तक 22 बड़े कूड़ा घरों को हटाया जा चुका है। आगामी दो-तीन महीनों में शेष पांच को भी विलोपित कर दिया जाएगा। होली तक नगर निगम में शामिल हुए नए 25 वार्डों में भी घर-घर कूड़ा उठान की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू हो जाएगी। शहर के सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की स्थिति में सुधार के साथ-साथ अब प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर और बायोमेडिकल वेस्ट के लिए रमना में विशेष प्लांट स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है।