आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए अपनी जरूरतों में कटौती करने वाले अभिभावकों के सामने अब बढ़ती स्कूल फीस और लेट फीस के नाम पर अतिरिक्त वसूली नई परेशानी बनकर खड़ी हो गई है। पाछटिया के पास स्थित प्रसाद इंटरनेशनल स्कूल में एक महीने फीस देरी से जमा करने पर ₹200 ‘पनिशमेंट चार्ज’ वसूले जाने का मामला सामने आया है, जिससे अभिभावकों में नाराजगी है।
अभिभावकों का कहना है कि किसी पारिवारिक या आर्थिक कारण से यदि एक माह फीस समय पर जमा नहीं हो पाती, तो स्कूल प्रबंधन ₹200 अतिरिक्त शुल्क जोड़कर फीस ले रहा है। उनका आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में आपत्ति जताई तो उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।
कुछ अभिभावकों ने बताया कि शहर के अन्य निजी स्कूलों में लेट फीस पर सामान्यतः ₹50 तक का जुर्माना लिया जाता है, जबकि यहां चार गुना अधिक राशि वसूली जा रही है। उनका कहना है कि पहले ही स्कूल फीस, किताबें, ड्रेस और अन्य शुल्कों का बोझ अधिक है, ऐसे में अतिरिक्त चार्ज आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भारी पड़ रहा है।
अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल प्रबंधन लेट फीस के नियमों में पारदर्शिता लाए और मानवीय दृष्टिकोण अपनाए। उनका कहना है कि शिक्षा सेवा है, इसे दंडात्मक आर्थिक दबाव का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
वहीं, इस मामले में स्कूल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अभिभावकों का कहना है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने पर विचार करेंगे।