आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब पूरी तरह बौखला चुकी है।छात्रों की आवाज़, नौजवानों का जोश और गरीबों के हक़ की लड़ाई से घबराकर सरकार ने मनरेगा बचाओ मार्च से ठीक पहले NSUI जौनपुर के जिलाध्यक्ष यशस्वी सिंह ‘सृजन’ को रात के अंधेरे में गिरफ़्तार कर लिया।
यह कोई सामान्य गिरफ़्तारी नहीं, बल्कि संविधान की हत्या और लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश है।
NSUI जिलाध्यक्ष यशस्वी सिंह ने पुलिस हिरासत से सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा सरकार के भीतर डर है, घबराहट है और बौखलाहट है।
उसे छात्रों से डर है, नौजवानों से डर है,
किसानों, मज़दूरों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं की एकता से डर है।
मनरेगा कोई ख़ैरात नहीं,यह संविधान प्रदत्त काम का अधिकार है।मुझे गिरफ़्तार कर लिया गया,लेकिन याद रखिए
हथकड़ियाँ विचारों को नहीं रोक सकतीं।
योगी सरकार सुन ले,तुम्हारी पुलिस, तुम्हारी जेल और तुम्हारा डर NSUI को रोक नहीं सकता।
यह लड़ाई पेट की है,सम्मान की है
और संविधान बचाने की आख़िरी लड़ाई है।
यशस्वी सिंह ने साफ़ कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के वाराणसी आगमन और ऐतिहासिक मनरेगा बचाओ मार्च को कुचलने के इरादे से यह गिरफ़्तारी कराई गई है। यह साबित हो गया है कियोगी सरकार संवाद से नहीं, लाठी और जेल से राज करना चाहती है।
NSUI योगी सरकार को साफ़ शब्दों में चेतावनी देती हैअगर दमन नहीं रुका, तो प्रदेश की हर यूनिवर्सिटी, हर कॉलेज और हर सड़क आंदोलन का मैदान बनेगी।