देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। ओबरा नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आकाशवाणी मैदान में चल रही प्रदर्शनी मेला को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। मेले में पहुंचे दर्शकों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मेला बिना आवश्यक प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा इंतजामों के संचालित किया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मेले में लगे झूलों की किसी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा जांच नहीं कराई गई है। अधिकांश झूलों में सेफ्टी बेल्ट की व्यवस्था नहीं है और न ही उन्हें संचालित करने के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर मौजूद हैं। इसके बावजूद बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की भारी भीड़ झूलों पर झूलती देखी जा रही है, जो अत्यंत चिंताजनक है। मेले में एम्बुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र एवं आपातकालीन निकासी व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह नदारद हैं। किसी भी आपात स्थिति में हालात संभालना मुश्किल हो सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मेले में नगर पंचायत या अन्य सक्षम प्राधिकरण से संबंधित कोई भी अनुमति पत्र सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया है, जबकि नियमों के अनुसार किसी भी सार्वजनिक मेले में अनुमति एवं शर्तों को स्पष्ट रूप से दर्शाना अनिवार्य होता है। मेले में लगे खाने-पीने के स्टॉलों पर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। खुले में खाद्य सामग्री रखी गई है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मेले में 3 वर्ष के बच्चों से भी पूरा टिकट लिया जा रहा है. जबकि सरकारी बसों और ट्रेनों में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए टिकट में छूट का प्रावधान होता है। इसे उपभोक्ताओं के साथ खुली मनमानी बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि प्रदर्शनी या सार्वजनिक मेला के आयोजन के लिए नगर पंचायत/ प्रशासन से वैध अनुमति लेनी होती है। झूलों की तकनीकी व सुरक्षा जांच करायी जाती है। फायर सेफ्टी उपकरणों के साथ ही एम्बुलेंस व प्राथमिक चिकित्सा सुविधा की भी व्यवस्था होनी चाहिए। स्वच्छ पेयजल व शौचालय व्यवस्था, आपातकालीन
निकासी मार्ग का भी होना जरूरी है। लेकिन इन सभी व्यवस्थाओं को दर किनार करते हुए प्रदर्शनी मेला का आयोजन चल रहा है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं नगर पंचायत से मांग की है कि मेले की तत्काल जांच कराई जाए और जब तक सभी सुरक्षा मानक पूरे न हों, तब तक मेले का संचालन रोका जाए, ताकि किसी संभावित हादसे से लोगों की जान-माल की रक्षा हो सके। उधर लगाए जा रहे आरोपों के बावत ओबरा एसडीएम से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन वे मौजूद नहीं मिले। लिहाजा उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।
