देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत एमएसएमई विकास कार्यालय वाराणसी द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत पंजीकृत पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का शुभारंभ रामलीला मैदान रॉबर्ट्सगंज में फीता काटकर किया। इस दौरान डीएम ने विभिन्न स्टालों का भ्रमण किया और स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित उत्कृष्ट उत्पादों की सराहना की। कहा कि शिल्पकारों के सर्वांगीण विकास तेजी लायी जाए।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह और शिल्पकारों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना हमारे पारंपरिक हुनरमंदों को मुख्यधारा से जोड़ने का एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सदियों से हमारे समाज की अर्थव्यवस्था की धुरी रहे बढ़ई, लोहार, कुम्हार और मूर्तिकार जैसे शिल्पकारों को आज नए भारत में वह सम्मान मिल रहा है जिसके वे हकदार है। पीएम विश्वकर्मा योजना का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि आपके कौशल को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करना है। विपणन सहायता उत्पादों की ब्रांडिंग और उन्हें ऑनलाइन, ऑफलाइन बाजारों से जोड़ने में सरकार मदद कर रही है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देशन में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना प्रारम्भ की गयी है, जिसमें युवाओं को 5 लाख रूपए तक बिना ब्याज के ऋण सुविधा मिलती है। जिलाधिकारी ने जनपद वासियों से अपील की है कि ये 9 जनवरी तक चलने वाले इस मेले में आकर पीएम विश्वकर्मा के कौशल को देखें और वोकल फॉर लोकल के संकल्प को सिद्ध करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले प्रत्येक इच्छुक कारीगर का पंजीकरण और मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कारीगरों को केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर मार्केटिंग, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जिससे उनके उत्पादों की मांग एवं बाजार मूल्य में वृद्धि हो सके। कार्यक्रम में एमएसएमई विकास कार्यालय वाराणसी के निदेशक एलबीएस यादव ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के विभिन्न घटकों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण सुविधा के साथ-साथ बाजार से जोड़ने के लिए तकनीकी एवं विपणन सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर रीतेश कुमार सिंह डीजीएम सिडबी, विनोद चौधरी उपायुक्त उद्योग सोनभद्र, रविन्द्र पटेल प्राचार्य आईआईटी सोनभद्र व एलडीएम सालेन आदि मौजूद रहे।
