संतोष,देवल ब्यूरो।अतरौलिया बाजार और आसपास के इलाकों में एक संदिग्ध जंगली जानवर दिखने से इन दिनों स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों द्वारा तेंदुए की मौजूदगी की आशंका जताए जाने के बाद वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर सघन जांच अभियान चलाया। हालांकि, प्राथमिक जांच के बाद वन विभाग ने तेंदुए की मौजूदगी से साफ इनकार किया है।
तेंदुए की खबर फैलते ही वन विभाग के रेंजर वीर बहादुर सिंह और वन दरोगा दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। टीम ने उन खेतों और रास्तों का बारीकी से निरीक्षण किया जहाँ जानवर के देखे जाने की चर्चा थी। रेंजर ने मेड़ों और गीली मिट्टी के किनारे 'पैरों के निशान खोजने की कोशिश की, लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी तेंदुए के पंजों के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। सच्चाई जानने के लिए वन विभाग ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज का विश्लेषण करने के बाद रेंजर वीर बहादुर सिंह ने बताया कि
दिखाई दे रहा जानवर कद में छोटा है। इसकी पूंछ सामान्य से अधिक लंबी है।शारीरिक संरचना तेंदुए से मेल नहीं खाती।
रेंजर के अनुसार, यह जानवर 'बिग कैट' ( बड़ी बिल्ली) प्रजाति का एक मांसाहारी जीव है, लेकिन यह निश्चित रूप से तेंदुआ नहीं है। उन्होंने क्षेत्र वासियों से अपील किया कि सतर्क रहें, डरे नहीं। जहाँ एक ओर बाजार के लोग अब भी तेंदुए की आशंका से डरे हुए हैं, वहीं वन विभाग ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया है। विभाग ने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।उन्होंने कहा घबराने की जरूरत नहीं है। सीसीटीवी में दिखा जानवर तेंदुआ नहीं बल्कि बिग कैट प्रजाति का अन्य जीव है। फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से सभी लोग सतर्क रहें और यदि दोबारा ऐसा कोई जानवर दिखाई दे, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें।" हमारे विभाग के कर्मचारी लगातार क्षेत्र में रात्रि में भ्रमण करेंगे