देवल संवाददाता,मऊ। शारदा नारायण हास्पिटल के कैथलैब विभाग में डीएम कार्डियोलाजिस्ट डॉ दीपर राय के नेतृत्व में जिले मे पहली बार बैलून प्रणाली द्वारा दिल की बहुत ही ज्यादा सिकुड़ी हुई वाल्व को खोलने में सफलता पायी गई है। चिकित्सा क्षेत्र में हृदय रोग से संबंधित सबसे जटिल प्रक्रिया को संपन्न कराना एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। इसमें मेडिकल डायरेक्ट डॉ सुजीत सिंह के साथ चिकित्सकों की टीम ने तत्परता के साथ इस कार्य को अंजाम दिया। यह बातें संस्थान निदेशक डॉ संजय सिंह ने बुधवार को हास्पिटल में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान व्यक्त किया।डॉ दीपक राय ने बताया कि रमेश कुमार नामक मरीज पिछले सात साल से सांस की परेशानी से जूझ रहा था। सांस की परेशानी को टीबी और फेफड़ा की बीमारी समझकर उसे क्षय रोग का उपचार किया जा रहा है। हास्पिटल में आने पर डॉ संजय सिंह ने उसका एक्स-रे करने के बाद ईको कार्डियोग्राफी कराया। इसके बाद पता चला कि माईट्रल वाल्व .8 सेमी स्वायर सिकुड़ी हुई है। मरीज की चिकित्सा कर उसका स्वास्थ्य स्थिर होने पर आयुष्मान भारत योजना के द्वारा पैर की नस तथा दिल में बहुत ही छोटा सुराख कर बैलून के द्वारा सिकुड़े माईट्रल वाल्व को फुलाया गया। मरीज अब पूरी तरह से सुरक्षित है। मेडिकल डायरेक्टर डॉ सुजीत सिंह ने बताया कि सांस फूलने की हर परेशानी फेफड़ा से संबंधित नहीं होती है। रमेश कुमार इसके उदाहरण हैं। सांस फुलने की समस्या होते ही तत्काल संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क कर उपचार कराना चाहिए।