कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के कैशलेश उपचार के सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा अधिसूचित योजना के सम्बन्ध में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार के राजपत्र संख्या-1971 दिनांक 05 मई, 2025 एवं सचिव, राज्य सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) भारत सरकार के अर्द्धशासकीय पत्र संख्या-11028/01/2024-MVL Part (2) दिनांक 16.05.2025 के क्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की सक्रिय भागीदारी के साथ मोटर वाहन (MV) अधिनियम, 1988 की धारा 162 के अनुसार सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेश उपचार योजना, 2025 को अधिसूचना दिनांक 05. मई, 2025 द्वारा अधिसूचित किया गया है, जिसके अन्तर्गत मोटर वाहनों के उपयोग से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितो के लिए दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 07 दिनों के लिए प्रति पीड़ित 1.5 लाख रूपये तक के उपचार का प्रावधान है।
उक्त योजना एक तकनीकी प्लेटफार्म पर कार्यान्वित की जा रही है, जिसमें इलेक्ट्रानिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (eDAR) और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना (AB PM & JAY) में प्रयोग किये जाने वाले ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) को सम्मिलित किया गया है। दुर्घटना पीड़ित व्यक्ति के उपचार के उपरान्त सम्बन्धित अस्पताल को मोटर वाहन दुर्घटना निधि से भुगतान किया जायेगा, जिसे केन्द्र सरकार द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित किया जाएगा।
कैशलेस ट्रीटमेन्ट / ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) और पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS)/CTRAV का नाम बदलकर कैशलेस योजना रखे जाने व उक्त के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में उक्त के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी (सामुदायिक / प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र), समस्त थानाध्यक्ष / यातायात निरीक्षक एवं इनप्लान्ड (आयुष्मान योजना से आच्छादित प्रतिनिधि) के साथ बैठक कर क्रियान्वयन के सम्बन्ध में सम्बन्धित को प्रशिक्षण दिया गया।
माननीय मुख्यमंत्री जी, उत्तर प्रदेश द्वारा प्राप्त निर्देशों के क्रम में प्रदेश स्तर पर "राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह" (01 जनवरी, 2026 से 31 जनवरी, 2026 तक) मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के 21 थे दिन आज दिनांक 21.01.2026, को डबल डेकर बस एवं अन्य बसों की चेकिंग की गयी। राहबीर एवं कैशलेस उपचार योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। प्रवर्तन कार्यवाही के अन्तर्गत 59 वाहनों का चालान तथा 04 वाहनों को निरुद्ध किया गया।