देवल संवाददाता, आजमगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में तमसा नदी के पुनर्जीवन की सराहना करते हुए इसे जनसहभागिता की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि तमसा केवल नदी नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान है, जिसे आजमगढ़वासियों ने सामूहिक प्रयास से नया जीवन दिया है।
इसके बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के नेतृत्व और निर्देशन में तमसा नदी के संरक्षण व पुनरोद्धार के लिए व्यापक अभियान चलाया गया। अप्रैल 2025 में कार्यभार ग्रहण करने के बाद डीएम ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चंद्रमा ऋषि आश्रम सहित नदी तटों का लगातार निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराई।
डीएम के निर्देश पर मनरेगा, जिला गंगा समिति, स्वयंसेवी संगठनों और आमजन के सहयोग से जनपद में करीब 89 किलोमीटर लंबी तमसा नदी की सफाई कराई गई। नदी से गाद, प्लास्टिक, ठोस कचरा और दाह संस्कार के बाद फेंके गए कपड़े हटवाए गए, जिससे नदी का जल नहाने व आचमन योग्य बना।
डीएम के निर्देशन में 111 ग्राम पंचायतों को जोड़कर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अतिक्रमण हटाकर नदी किनारे खाली भूमि पर फलदार और छायादार पौधों का रोपण कराया गया। घाटों व तटों पर डस्टबिन रखवाए गए तथा स्वच्छता संदेश वाले साइन बोर्ड लगवाकर लोगों से नदी को स्वच्छ रखने की अपील की गई।
नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत स्कूलों, युवाओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर श्रमदान कराया गया। इन प्रयासों से जल गुणवत्ता में सुधार हुआ, जैव विविधता लौटी और कृषि क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ी।
डीएम रविंद्र कुमार के प्रयास से पहली बार 21 जून 2025 को चंद्रमा ऋषि आश्रम परिसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन भी कराया गया, जिसमें प्रभारी मंत्री अनिल राजभर सहित बड़ी संख्या में जनमानस ने सहभागिता की।
तमसा नदी का पुनर्जीवन डीएम के कुशल निर्देशन में आजमगढ़ के लिए ही नहीं, बल्कि सहायक नदियों के संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।