कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।जनपद के जहांगीरगंज थाना क्षेत्र में उस वक्त माहौल गर्म हो गया, जब जिला पंचायत क्षेत्र रामनगर पूर्वी के लखंडीह ग्राम निवासी एक कथित मनबढ़ प्रत्याशी रजनीकांत यादव पर पत्रकार के साथ मारपीट और धमकाने व जान से मारने की धमकी देने पर केस दर्ज।घटना नगर पंचायत जहांगीरगंज के बावली चौक के पास दोपहर लगभग डेढ़ बजे की बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार, पत्रकार रमेश मौर्य किसी दुकान पर नाश्ता करने जा रहे थे, तभी आरोपी ने उन्हें देखकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि जैसे ही पत्रकार ने घटना का वीडियो बनाना चाहा, उनका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया गया और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर मारपीट, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी देकर पुलिस के आने से पहले दुम दबाकर भाग गए।स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद हमलावर जान से मारने की धमकी देकर वहां से चले गए। पत्रकार रमेश मौर्य तत्काल थाना जहांगीरगंज पहुंचकर तहरीर दिए और तहरीर पर मुकदमा अपराध संख्या 007/26 BNS की धारा 115(2),352,351(3),324(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू की गई।
*“कलम उठाने वालों की आवाज़ अगर यूं दबाई जाएगी तो…”*
इस घटना ने क्षेत्र में पत्रकारों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।लोगों में यह चर्चा है कि जब सच दिखाने वाली आंखें ही असुरक्षित हों, तो आम जनता के हक़ और न्याय की लड़ाई कौन लड़ेगा? यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आवाज़ पर चोट मानी जा रही है।
*पुलिस ने किया गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज, खोजबीन शुरू*
थानाध्यक्ष जहांगीरगंज अजय प्रताप यादव ने बताया कि पीड़ित पत्रकार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है ।
यह घटना एक गहरी टीस छोड़ जाती है- कि झूठ और सत्ता की हनक के सामने सच बोलना आज भी सबसे बड़ा जोखिम है।अगर पत्रकार ही डर जाए, तो अत्याचार कहाँ उजागर होंगे?आमजन की आवाज़ कौन बनेगा?लोकतंत्र की जान — अभिव्यक्ति की आज़ादी — कैसे बचेगी?समाज उम्मीद करता है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए — क्योंकि सच को चुप कराना किसी भी सभ्य समाज का रास्ता नहीं हो सकता। पत्रकार रमेश मौर्य ने बताया कि मुझे इस बात की थोड़ी भी उम्मीद नहीं थी कि एक व्यक्ति जो चुनाव लड़ना चाहता है वो इस तरह का अपराध करेगा, समाज की चिंता को ताख पर रख चौराहे पर गुंडई करेगा, पत्रकार को धमकाएगा, ऐसे व्यक्ति को जनता कैसे चुने और पुलिस कैसे छोड़े। पत्रकार रमेश मौर्य ने ऐसे मनबढ़ और बदमाश किस्म के व्यक्ति से भयभीत होकर सुरक्षा की मांग किया है।