देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। यूजीसी एक्ट के विरोध में सवर्ण आर्मी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अशोक दुबे के नेतृत्व में हाइवे से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे समाज के लोगों ने इस एक्ट को वापस लेने की मांग किया। बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा।
जिलाध्यक्ष अशोक दुबे ने कहा कि वर्तमान यूजीसी एक्ट शिक्षा व्यवस्था में असमानता और भेदभाव को बढ़ावा दे रहा है। यह अधिनियम समाज के एक बड़े वर्ग के हितों के प्रतिकूल है। सवर्ण आर्मी इस कानून में संशोधन नहीं, बल्कि इसे पूर्णतः समाप्त करने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए एक नई, पारदर्शी और न्यायसंगत शिक्षा नीति लागू की जानी चाहिए। जिला संरक्षक शिवपूजन त्रिपाठी ने कहा कि संगठन शिक्षा और समाज से जुड़े हर मुद्दे पर संघर्ष के लिए सदैव तैयार है। जब तक जनहित में ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के बाद आयोजित बैठक में संगठन के विस्तार और मजबूती पर भी विचार-विमर्श किया गया। समाजसेवी कृष्ण कुमार मिश्रा ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है और यदि कानून ही भेदभाव को बढ़ावा देने लगें तो उसका विरोध जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि यूजीसी एक्ट के वर्तमान स्वरूप से छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है, जिसे सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। जिला संयोजक कमलाकांत तिवारी ने कहा कि यूजीसी एक्ट के कारण शिक्षा व्यवस्था जटिल होती जा रही है, जिसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। सवर्ण आर्मी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रख रही है और जब तक इस कानून पर पुनर्विचार नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर आरती पांडेय, अविनाश शुक्ला, कपिल कांत पाठक, शिवदत्त तिवारी, अभय पांडे, बृज किशोर पांडे, बमबम दूबे, हेमंत तिवारी, ललित पाठक आदि मौजूद रहे।
.jpeg)