देवल संवाददाता, आजमगढ़। जनपद के थाना जीयनपुर अंतर्गत ग्रामसभा दाउदपुर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुमेश यादव पर पुलिस कर्मियों से मिलीभगत कर निर्दोष ग्रामीणों को फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को शिकायती पत्र देकर निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि ग्राम प्रधान राधा देवी पिछले लगभग 10 वर्षों से पद पर हैं और उन पर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप हैं। ग्रामीणों के अनुसार जॉब कार्ड घोटाले में लगभग 25 लाख रुपये से अधिक की धनराशि में दोष सिद्ध हो चुका है, जबकि अन्य मामलों की जांच अभी विचाराधीन है। प्रधान का समस्त कार्य उनके पुत्र एवं प्रतिनिधि सुमेश यादव द्वारा देखा जाता है, जो कथित रूप से भ्रष्टाचार से अर्जित धन के बल पर पुलिस कर्मियों को प्रभावित करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिनांक 30 दिसंबर को बीट आरक्षी अवनीश यादव और हल्का दरोगा पवन यादव ने प्रधान प्रतिनिधि के इशारे पर कथित “9999 व 5050 गैंग” से जोड़कर जांच के नाम पर गांव में छापेमारी की। इस दौरान प्रभुनाथ (60 वर्ष) और आदित्य यादव को पूछताछ के नाम पर थाने ले जाया गया। मोबाइल जांच में कोई दोष न पाए जाने के बावजूद दोनों का 151 में चालान कर उन्हें असामाजिक गिरोहों से जोड़ दिया गया, जिससे उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि अन्य ग्रामीणों के घरों पर छापे के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। ग्रामीणों को आशंका है कि भविष्य में भी उन्हें और उनके परिजनों को साजिश के तहत फर्जी मुकदमों में फंसाया जा सकता है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर निर्दोष लोगों को दोषमुक्त किया जाए तथा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, संबंधित पुलिसकर्मियों और अन्य साजिशकर्ताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बेगुनाह को फर्जी मामलों में न फंसाया जा सके।
पुलिस के साथ मिलकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पर फर्जी मुकदमों की साजिश का आरोप
जनवरी 02, 2026
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