देवल संवाददाता, आजमगढ़। जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अन्तर्राज्यीय एटीएम फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। एटीएम कार्ड बदलकर खाताधारकों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले इस शातिर गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को पुलिस ने तमंचा, नकदी, 25 एटीएम कार्ड और फर्जी नंबर प्लेट लगी कार के साथ गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बिहार और महाराष्ट्र तक सक्रिय था और अलग-अलग राज्यों में वारदातों को अंजाम देता था।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी सगड़ी के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह के नेतृत्व में जीयनपुर पुलिस टीम शुक्रवार को ग्राम नरईपुर के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर एक कार को रोका गया, जिसमें सवार दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपना नाम दीपक पुत्र इन्द्रभूषण झा निवासी ग्राम धनौजा, थाना बेनीपट्टी, जिला मधुबनी (बिहार) हाल मुकाम कल्याण, मुंबई तथा सौरभ चौधरी पुत्र मधुकर चौधरी निवासी ग्राम अमनेर, थाना अमनेर, जिला जलगांव (महाराष्ट्र) हाल मुकाम कल्याण, मुंबई बताया।
यह गिरोह एटीएम बूथ पर उन लोगों को निशाना बनाता था जो एटीएम संचालन में असहज, वृद्ध या कम शिक्षित प्रतीत होते थे। सहायता के बहाने बातचीत कर उनका ध्यान भटकाया जाता और मौका पाकर असली एटीएम कार्ड बदल लिया जाता था। कई मामलों में कार्ड फंसने का नाटक कर पीड़ित को भ्रमित किया जाता और फिर पिन प्राप्त कर अलग-अलग एटीएम से तुरंत रकम निकाल ली जाती थी।
जांच में सामने आया है कि अभियुक्त एक ही स्थान पर बार-बार वारदात नहीं करते थे, बल्कि पुलिस की पहचान से बचने के लिए स्थान बदल-बदलकर अपराध करते थे। आवागमन के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगी कार का इस्तेमाल किया जाता था और पकड़े जाने की आशंका में अवैध हथियार भी साथ रखते थे। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि वे इस तरीके से कई जनपदों और राज्यों में लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं।
नवंबर से दिसम्बर 2025 तक अभियुक्तो ने जीयनपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के ATM से ATM कार्ड फसा कर या अन्य तरीके से लाखों रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके है।
दोनों अभियुक्तों के खिलाफ जीयनपुर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा इनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में धोखाधड़ी, चोरी और एटीएम फ्रॉड से जुड़े कई पुराने मामले पहले से पंजीकृत हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुट गई