आमिर, देवल ब्यूरो ,पुलिस अधीक्षक जौनपुर डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में जनपद में चलाए जा रहे ‘साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान’ के अंतर्गत बुधवार को एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम साइबर क्राइम थाना एवं थाना लाइन बाजार की संयुक्त पहल पर फिजिक्स वाला (Physics Wallah), लाइन बाजार परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) एवं क्षेत्राधिकारी (नगर) के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी साइबर क्राइम थाना के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान साइबर टीम द्वारा छात्रों को बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम में छात्रों को बताया गया कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम तथा मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक, फोटो या मैसेज को बिना जांच-पड़ताल के न खोलें और न ही आगे फॉरवर्ड करें, क्योंकि ऐसे लिंक साइबर ठगी का माध्यम हो सकते हैं।
इसके साथ ही परीक्षा से संबंधित ठगी को लेकर विशेष रूप से सतर्क किया गया। साइबर टीम ने बताया कि टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर ‘परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने’ या ‘पास कराने’ के नाम पर पैसे मांगने वाले संदेश पूरी तरह फर्जी होते हैं। ऐसे किसी भी प्रलोभन में न आएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
अकाउंट सुरक्षा पर दिया गया जोर
छात्रों को व्हाट्सएप एवं अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2-Step Verification) सक्रिय करने की प्रक्रिया भी समझाई गई, जिससे उनके अकाउंट हैकिंग और अनधिकृत उपयोग से सुरक्षित रह सकें।
युवाओं में साइबर साक्षरता बढ़ाने का उद्देश्य
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी और छात्रों के बीच साइबर साक्षरता को बढ़ावा देना है, ताकि वे डिजिटल दुनिया में होने वाली धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, लिंक और ऑनलाइन ठगी से स्वयं को सुरक्षित रख सकें।
कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण भी मौजूद रहे और पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में छात्रों से अपील की गई कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।