देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) विकसित भारत जी राम जी के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन अधिनियम-2025 ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
यह बातें शुक्रवार को जिला प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने चुर्क सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में कही। प्रभारी मंत्री ने बताया कि इस नए कानून के माध्यम से न केवल काम के दिन बढ़ाए गए हैं, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों को भी पहले से कहीं अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाया गया है। पारदर्शिता के लिए पंचायत निर्णय ऐप के माध्यम से कार्यवाही की जियोटैग्ड फोटो और वीडियोग्राफी रियल टाइम अपलोड की जाएगी। कहा कि नए अधिनियम की सबसे बड़ी विशेषता रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पुराने अधिनियम (मनरेगा) में बेरोजगारी भत्ता पाना कठिन था, लेकिन अब सभी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। यदि काम मांगने पर नहीं मिलता, तो भत्ता स्वतः मिलेगा। इसके अलावा, मजदूरी में देरी होने पर अब श्रमिकों को प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा भी दिया जाएगा, जिससे व्यवस्था में जवाबदेही तय होगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा में धोखाधड़ी को रोकने और पारदर्शिता बनाये रखने का कोई प्राविधान नहीं था, जिससे रोजगार गारंटी बाधित होती थी और श्रमिक के नाम पर घोटाले होते थे। यह कार्यस्थलों की गरिमा, मजबूत गांव, टिकाऊ संसाधन और प्रभावी शासन के जरिये ग्रामीण आजीविका में ठोस परिणाम देने पर ध्यान केन्द्रित करना है। पहले जहा भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, वही वीबी जी-राम जी के अन्तर्गत मांगे गये काम के 7 दिनों में यदि काम का भुगतान नहीं मिलता तो ब्याज सहित भुगतान किया जायेगा। मौके पर एमएलसी विनीत सिंह, विधायक सदर भूपेश चौबे, जिलाध्यक्ष भाजपा नन्दलाल गुप्ता, अपना दल एस के जिलाध्यक्ष अंजनी पटेल, निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिकेत निषाद, राष्ट्रीय लोक दल के जिलाध्यक्ष श्रीकान्त तिवारी, सुभासपा के जिलाध्यक्ष मनोज पाण्डेय आदि मौजूद रहे।