देवल संवाददाता, आजमगढ़। थाना तरवां पुलिस ने सड़क जाम, लोक व्यवस्था भंग करने एवं शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले में वांछित चल रहे सात अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई उचहुआ पुल जाम कांड से संबंधित है, जिसमें 01 दिसंबर 2025 को हुई सड़क दुर्घटना के बाद लंबा जाम लगाया गया था। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में एक युवक की मृत्यु के उपरान्त अभियुक्तों द्वारा मृतक के शव को सड़क पर रखकर सुबह लगभग 6:15 बजे से 10:15 बजे तक उचहुआ पुल के पास सड़क जाम कर दिया गया था। इस दौरान मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी की गई, आम जनता, बीमारों, बुजुर्गों एवं बच्चों के आवागमन को बाधित किया गया तथा राहगीरों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी देते हुए शासकीय कार्य में भी बाधा उत्पन्न की गई। उक्त घटना के संबंध में थाना तरवां पर मु0अ0सं0 327/2025 धारा 189(2), 221, 222, 224, 126(2), 132, 352, 351(3), 192, 131 बीएनएस व 07 सीएलए एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। दिनांक 12 जनवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर थाना तरवां पुलिस ने उचहुआ क्षेत्र से सात अभियुक्तों को दोपहर करीब 12:10 बजे गिरफ्तार किया। पूछताछ में अभियुक्तों ने अपने कृत्य को स्वीकार करते हुए गलती की माफी मांगी और न्यायालय में अपना पक्ष रखने की बात कही। गिरफ्तार अभियुक्तों में तेजबहादुर सिंह, अशोक कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, बाला लखन्दर उर्फ बाला, आजाद उर्फ अजीत चौहान, रामबाबू राजभर तथा रविकान्त सिंह उर्फ रजत शामिल हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में वरिष्ठ उप निरीक्षक अजय कुमार सिंह, उप निरीक्षक रमेश सिंह तथा कांस्टेबल संदीप पटेल शामिल रहे। जनपद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लोक व्यवस्था भंग करने, सड़क जाम करने और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।