देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में स्पेशल एजुकेटर्स की बैठक कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जनपद के प्रत्येक विकासखंड में चार-चार स्पेशल एजुकेटर्स कार्यरत हैं। जिनके द्वारा परिषदीय विद्यालयों में नामांकित दिव्यांग बच्चों को शैक्षिक सपोर्ट प्रदान किया जाता है। समग्र शिक्षा के अंतर्गत सभी 10 विकास खण्डों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नामित डॉक्टर की टीम के माध्यम से मेडिकल कैंप भी आयोजित किया जाता है। जिसमें कुल 341 दिव्यांग बच्चों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत हुआ है। उन्होंने बताया कि पीएम योजना के अंतर्गत तीन मेडिकल कैंप आयोजित किए गए जिनमें कुल 48 बच्चों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत हुआ। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा उपस्थित समस्त एजुकेटर्स से उनके द्वारा बच्चों को किस प्रकार से शिक्षा दी जाती है के बारे में जानकारी ली। बैठक में एजुकेटर्स ने बताया कि हम सभी लोगों द्वारा बच्चों के घर-घर जाकर भी उनको ट्रीटमेंट देने का कार्य किया जाता है जिससे उनके दैनिक जीवन में बहुत बदलाव देखने को मिलते हैं। इसके अलावा उन लोगों द्वारा बहुत से ऐसे उदाहरण के रूप में जो बच्चे पूर्व में बोलना,चलना,लिखना आदि नहीं जानते थे इनके ट्रीटमेंट देने के बाद उनके जीवन में बहुत बदलाव देखने को मिला। बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा सभी एजुकेटर्स को इस कार्य के लिए बधाई देते हुए आगे भी विशेष प्रयास करते हुए दिव्यांग बच्चों को ट्रीटमेंट देने को कहा। इसके अलावा एजुकेटर्स द्वारा कुछ समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखी गई जिसको जिलाधिकारी द्वारा निस्तारण करने की बात कही।बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय एवं जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अमित कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे।