देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। सोनांचल के परिषदीय विद्यालयों समेत प्राइवेट स्कूलों में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती शुकवार को बाल दिवस के रूप में मनायी गई। बच्चों ने अपने-अपने शिक्षण संस्थानों में दुकान सजागर सामानों की विकी किया। बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ एक से बढ़कर एक नृत्य व देश भक्ति से संबंधित गीतों की प्रस्तुति दी।
नगवां ब्लाक के मऊ कला उच्च प्राथमिक विद्यालय में बाल दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यार्थियों ने चाचा नेहरू को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व, कृतित्व व राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को स्मरण किया। सोनभद्र विकास समिति के सचिव राजेश चौबे ने बाल
दिवस के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस दिन का लक्ष्य बच्चों को नेहरू जी के आदर्श जीवन, त्याग, राष्ट्रभक्ति और उनके मूल्यों से परिचित कराना है। साथ ही, समाज में बच्चों की भूमिका, उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इस आयोजन का प्रमुख संदेश रहा। उन्होंने बच्चों को बाल दिवस की शुभकामनाएं दी, और उन्हें अध्ययन में एकाग्रता, अनुशासन तथा समय प्रबंधन का पालन करने की सलाह दी। साथ ही विद्यार्थियों से माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान व कृतज्ञता बनाए रखने की अपील की। काउंसलर साधना सिंह ने कहा कि शिक्षा मनुष्य को विवेकशील, संस्कारित और शिष्ट बनाती है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा से ही रचनात्मकता, परिपक्वता और सकारात्मक जीवन दृष्टि का विकास होता है। उनका मानना था कि हर बच्चे का प्रथम कर्तव्य विद्या अर्जन कर स्वयं को राष्ट्र के लिए योग्य बनाना होना चाहिए। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस मौके पर तमाम लोग मौजूद रहे।
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