देवल संवाददाता, गोरखपुर ।इंश्योरेंस ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने भटहट स्थित एक निजी क्लीनिक के डॉक्टर को हिरासत में लिया है। पूर्व में डिसेंट अस्पताल में काम कर चुके इस डॉक्टर पर आरोप है कि उसने बगैर मरीज भर्ती के फर्जी बीमा और आयुष्मान कार्ड का क्लेम पास करा लिया है।
प्राथमिक जांच में लगभग 25 फाइलों पर उसके हस्ताक्षर मिलने से इस फर्जीवाड़े के संगठित नेटवर्क की पुष्टि हुई है। पुलिस फर्जी क्लेम के जरिये हासिल रकम के बारे में जानकारी जुटा रही है।
इंश्योरेंस ठगी मामले की जांच में सामने आया कि भटहट का यह डॉक्टर पहले शहर के डिसेंट अस्पताल में कार्यरत था। वह उन फाइलों तक पहुंच रखता था, जिन्हें बिना मरीज भर्ती किए ही बिल बनाकर बीमा और आयुष्मान क्लेम के लिए भेजा जाता था।
पुलिस को शक है कि क्लीनिक खोलने के बाद भी वह उसी नेटवर्क के संपर्क में रहा और स्टैंप व हस्ताक्षर उपलब्ध कराकर फर्जी क्लेम पास कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा।
रामगढ़ताल थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव के अनुसार, डिसेंट अस्पताल में तैयार की गई फाइलों में मरीजों को भर्ती दिखाया गया, जबकि वे अस्पताल आए ही नहीं थे। कई मामलों में ओपीडी में कुछ मिनट की जांच के बाद उन्हें दो से तीन दिन की भर्ती दिखाकर भारी भरकम बिल बनाया गया। जिन 25 फाइलों की जांच में पुष्टि हुई है, उनमें मरीजों के पूरे मेडिकल रिकाॅर्ड, जांच रिपोर्ट और दवाओं की लिस्ट फर्जी पाई गई है।
हिरासत में लिए गए डॉक्टर से की जा रही पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि कुछ फाइलों पर उसके हस्ताक्षर हैं लेकिन उसने इसे औपचारिक प्रक्रिया बताते हुए अपनी भूमिका को सीमित करने की कोशिश की है। पुलिस अब उसके बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और संपर्क में रहने वाले डॉक्टरों, बिचौलियों और क्लीनिक संचालकों की गहन जांच कर रही है।
ऐसे चलता है नेटवर्क
जांच टीम का दावा है कि यह नेटवर्क लंबे समय से जिले में सक्रिय है और लाखों-करोड़ों रुपये के फर्जी भुगतान कराए जा चुके हैं। भटहट में डॉक्टर को हिरासत में लेने के बाद अब शहर और आसपास के कई क्लीनिक संचालकों व डॉक्टरों में हड़कंप मचा है। पुलिस ने संभावित संदिग्धों की एक प्रारंभिक सूची तैयार की है, जिसमें कई निजी अस्पतालों के कर्मचारी और एजेंट भी शामिल हैं।
फर्जीवाड़ा कर बीमा और आयुष्मान कार्ड क्लेम पास कराने के मामले में भटहट के एक डॉक्टर को हिरासत में लिया गया है। साथ ही क्लीनिक संचालक और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
