देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली-मारकुंडी स्थित मे. कृष्णा माइंस की खदान में गत शनिवार को ड्रिलिंग के दौरान हुए हादसे में पत्थर के मलवे के नीचे दबकर सात श्रमिकों की हुई मौत के मामले में पंजीकृत मुकदमा से संबंधित आरोपियों की घटना के छठवें दिन भी पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर सकी थी। गुरूवार को जिला कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधि मंडल पार्टी के जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड़ व पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी की अध्यक्षता में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी समेत अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड़ ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि खदान में हादसा हुए छह दिन हो गया है, बावजूद इसके मामले में पंजीकृत मुकदमा से संबंधित आरोपियों को जनपदीय पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस दौरान कांग्रेसियों ने पुलिस अधीक्षक से मामले में पंजीकृत अज्ञात खदान मालिक का नाम भी सार्वजनिक करने की मांग किया। कहा कि खनन विभाग के पास खदान मालिक का सारा ब्योरा मौजूद होने के बावजूद आखिरकार किसके आदेश/दबाव में आकर पुलिस अज्ञात खदान मालिक के नाम से एफआईआर दर्ज किया है, यह इन दिनों काफी चर्चा में है। मांग की कि अज्ञात खदान मालिका का नाम सार्वजनिक करते हुए तीनों आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। इस मौके पर रमेश देव पांडेय, राजेश द्विवेदी, कमलेश ओझा, राजीव त्रिपाठी, आशुतोष कुमार दुबे, कौशलेश पाठक, नूरुद्दीन बाबू भाई, सुनीता त्रिपाठी, मोहन बियार, स्वतंत्र साहनी आदि मौजूद रहे।
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