कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।चीनी मिल अकबरपुर में अखण्ड रामायण पाठ एवं कांटा एवं डोंगा की विधिवत् पूजा-पाठ कर जिलाधिकारी अम्बेडकरनगर एंव श्री रमेश कुमार वर्मा ईकाई प्रमुख चीनी मिल अकबरपुर द्वारा केन केरियर में गन्ना डालकर पेराई सत्र 2025-26 का शुभारम्भ किया गया। इस दौरान जिला गन्ना अधिकारी- अम्बेडकरनगर, ज्ये० गन्ना विकास निरीक्षक मिझौड़ा, सचिव गन्ना समिति अकबरपुर, श्री अरविन्द सिंह- चैयरमैन गन्ना समिति अकबरपुर एवं चीनी मिल अकबरपुर के, श्री राजन राय-महाप्रबन्धक (वाणिज्य), श्री अरूण कुमार सिंह-महाप्रबन्धक (यांत्रिक), श्री सुनील कुमार सिंह चौहान-महाप्रबन्धक (गन्ना) तथा चीन मिल के समस्त अधिकारी, कर्मचारी एंव किसान भाई उपस्थित रहें।
चीनी मिल के इकाई प्रमुख श्री रमेश कुमार वर्मा द्वारा बताया गया कि चीनी मिल अकबरपुर जिले के विकास के लिये अपने क्षेत्र के समस्त गन्ना खरीद एंव त्वरित गन्ना मूल्य भुगतान हेतु कटिबद्ध है। गत वर्ष चीनी मिल द्वारा 84.17 ला०कु० गन्ने की पेराई की गयी थी। इस वर्ष 90 ला०कु० गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष चीनी मिल समय से चलाई जा रही है ताकि कृषकों का पेड़ी गन्ना समय से चीनी मिल में आपूर्ति हो सके। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान हेतु 30 रूपयें प्रति कु० की दर से वृद्धि किये जाने की घोषणा की गयी है इसलिये किसान भाई अपना कीमती गन्ना औने-पौने दाम में कोल्हूओं पर ना बेचें। चीनी मिल द्वारा इस वर्ष भी त्वरित गन्ना मूल्य भुगतान किया जायेगा इसलिये गन्ना में अपना समस्त गन्ना आपूर्ति कर उचित दाम पायें एंव अपना बेसिक कोटा बढ़ायें।
महाप्रबन्धक (गन्ना) सुनील कुमार सिंह चौहान द्वारा बताया गया कि दिनांक 12.11.2025 से वाह्य क्रय केन्द्रों पर एवं दिनांक 13.11.2025 से चीनी मिल गेट पर गन्ना खरीद कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चीनी मिलगेट पर गन्ना आपूर्ति हेतु शिफ्ट सिस्टम लागू किया गया है अतः समस्त किसान भाईयों से अनुरोध है कि अपनी निर्धारित शिफ्ट के अनुसार ही गन्ना लायें तथा गन्ना आपूर्ति में होने वाली असुविधाओं से बचें। इसके अतिरिक्त उन्होंने किसान भाईयों से अपील करते हुये कहा कि बिना पर्ची प्राप्त हुये गन्ना कदापि न काटे, क्योकि गन्ना कटने के बाद उसके वजन में निरन्नतर कमी आती है तथा पर्ची के अभाव में कृषक भाईयों को मजबूर होकर उसें गन्ना माफियाओं के हाथ कम मूल्य पर बेचना पड़ता है, जिस कारण कृषक भाईयों को काफी आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। किसान भाई गन्ना आपूर्ति हेतु एस०एम०एस० मिलने पर ही गन्ना कटाई करें, गन्ना बंधन हेतु सूखी पत्तियां अथवा धान के पुआल का प्रयोग करें तथा गन्ने की कटाई व छिलाई करते समय गन्ने को बीच से न काटें व वजन में कमी से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचे। कृषक भाई चीनी मिल को जड़-पत्ती-अगौला रहित, साफ-सुथरा एंव ताजा गन्ना ही आपूर्ति करें।
