देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक गुरुवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। अभियोजन शाखा की समीक्षा के दौरान संयुक्त निदेशक अभियोजन ने बताया कि गत माह अधीनस्थ न्यायालय में आईपीसी की धाराओं में 47 वाद निस्तारित हुए जिनमें 13 में सजा ,7में रिहाई,14 में सुलह तथा 12 में सत्र सुपुर्द की कार्रवाई हुई।इसी प्रकार अन्य अधिनियम में 209 वाद निस्तारित हुए जिनमें 206 में सजा तथा दो सत्र सुपुर्द एवं एक में दाखिल दफ्तर की कार्रवाई हुई।
सत्र न्यायालय ने आईपीसी की धाराओं में एक वाद निस्तारित हुआ जिनमें रिहाई हुई। इसी प्रकार एससी/एसटी एक्ट में एक वाद निस्तारित जिसमें रिहाई, गैंगस्टर एक्ट में दो वाद निस्तारित हुए जिनमें एक में रिहाई तथा एक क्वैश हुआ। पॉक्सो एक्ट में भी एक वाद निस्तारित हुआ जिसमें रिहाई हुई। इस प्रकार सत्र न्यायालय में किसी भी आपराधिक मामले में किसी को सजा नहीं मिली। सत्र न्यायालय में निर्णीत वादों में समस्त मामलों में रिहाई पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अभियोजन पक्ष को मजबूत तथ्यों के साथ पैरवी कर सजा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने गैंगस्टर एक्ट में गवाहों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु व्यक्तिगत तौर पर उन्हें सम्मन तामिला करने को कहा। इसी प्रकार गुंडा एक्ट में गंभीर अपराधों में लिप्त पाए जाने पर ही नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। पॉक्सो एक्ट में अधिकतर मामलों में जमानत पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा कारणों की जानकारी लेते हुए अपराधियों को सजा दिलाने हेतु विशेष प्रयास करने को कहा।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उन्होंने अवैध शराब, मादक पदार्थ एवं ड्रग्स के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके अलावा महिला उत्पीड़न,महिलाओं के विरुद्ध अपराध,हत्या,लूट एवं बलात्कार संबंधी घटनाओ में गत माह की गई कार्यवाहियों के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने इन पर नियंत्रण लगाने हेतु विशेष प्रयास करने को कहा। गैंगस्टर एक्ट के अपराधियों द्वारा अर्जित संपत्ति कम पाए जाने पर उन्होंने अपराधियों के चल अचल संपत्ति की जानकारी इकट्ठा कर उनके कुर्क की कार्रवाई करने को कहा। वर्तमान में पुलिस प्रशासन द्वारा अवैध लाउडस्पीकरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जिसमें और तेजी लाने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। इसके अलावा धारा 107 एवं 116 में की गई कार्यवाहियों के उपरांत संबंधित व्यक्तियों द्वारा पुनः अपराध करने पर उनकी जमानत रद्द करने के अलावा उनकी जमानत राशि को जप्त करने के भी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। उन्होंने आगामी पंचायत चुनाव के दृष्टिगत अभी से ऐसे लोगों को चिन्हित करने को कहा,जिनसे चुनाव के दौरान गड़बड़ी की आशंका हो सकती है। पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना दिवस पर लेखपालों की उपस्थिति कम होने की बात संज्ञान में लाए जाने पर जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियो को उनके तहसील में कार्यरत समस्त लेखपाल एवं कानूनगो को थाना दिवस पर उपस्थित रहना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक इलमारन जी,अपर पुलिस अधीक्षक,अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह,उप जिलाधिकारी मधुबन एवं घोसी, समस्त क्षेत्राधिकारी,जिला आबकारी अधिकारी सहित समस्त थाना अध्यक्ष भी उपस्थित रहे।
