देवल संवादाता,वाराणसी। डीएम सत्येंद्र कुमार ने मंगलवार को साधन सहकारी समितियों पर उर्वरकों की उपलब्धता के संबंध वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। समीक्षा में पाया कि 20 समितियां ऐसी हैं, जहां डीएपी उर्वरक उपलब्ध ही नहीं है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई।
उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि हर हाल में सभी समितियों पर प्रीपोजिशनिंग स्टॉक से डीएपी पहुंचाई जाए। डीएम ने कहा कि सभी समितियों पर नियमित रूप से उर्वरकों की उपलब्धता बनी रहे। इसके लिए सहायक निबंधक सहकारिता को निर्देश दिए कि समितियों से चेक प्राप्त करके समय से प्रबंधक सहकारी बैंक को उपलब्ध कराएं।
सहकारी बैंक के प्रबंधक को निर्देश दिए कि समितियों से प्राप्त चेक की धनराशि को यथाशीघ्र पीसीएफ वाराणसी को उपलब्ध कराएं। जिला प्रबंधक एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने बताया कि भारत सरकार के राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर उपलब्ध वाराणसी जनपद में पात्र केसीसी धारक किसानों की संख्या 52937 है।
इसके सापेक्ष अब तक बैंक शाखाओं ने मात्र 2777 केसीसी धारकों का ही बीमा पंजीकरण किया है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए लीड बैंक मैनेजर को निर्देश दिए कि जिले की सभी बैंक शाखाओं के माध्यम से 15 जुलाई तक समस्त केसीसी धारकों का विवरण किसान ऋण पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
डीएम ने किसानों से अपील की है कि खरीफ 2025 के अंतर्गत फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से पूर्व गैर ऋणी किसान सहज जन सेवा केंद्र से और ऋणी किसान अपने बैंक शाखा से संपर्क कर फसल का बीमा करा लें। इससे किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में फसल क्षति होने पर किसानों को बीमा कंपनी के माध्यम से क्षतिपूर्ति दिलाई जा सके।