दवा व्यापारियों से ठगी करने और फिर फर्जी दुष्कर्म का केस दर्ज कराकर रंगदारी मांगने वाले पांच बदमाशों पर चिलुआताल पुलिस ने डीएम के अनुमोदन पर गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज किया था। पुलिस ने मंगलवार को गैंग के सरगना विकास कुमार सिन्हा और सदस्य रेखा सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।फर्जी दुष्कर्म का केस दर्ज कराकर रंगदारी मांगने वाले इस गैंग का सरगना बिहार के मोतिहारी जिले के बलुआ ताल वार्ड नंबर 28 निवासी विकास कुमार सिन्हा पादरी बाजार में रहता था। गिरोह में उसका भाई राकेश कुमार सिन्हा भी सदस्य है। इसके अलावा देवरिया जिले के रामपुर कारखाना क्षेत्र के महादेव बाजार निवासी गीता सिंह, उसकी बेटी रेखा सिंह, देवरिया के भलुवनी की हेमवंती पटेल गैंग की सक्रिय सदस्य हैं।चिलुआताल पुलिस को सूचना मिली की गैंग का सरगना विकास मंगलवार को गैंगस्टर के केस में स्टे लेने के लिए हाईकोर्ट जाने के लिए निकला है। इसकी जानकारी होते ही पुलिस ने घेराबंदी कर विकास कुमार सिन्हा और रेखा सिंह को गिरफ्तार कर लिया।सरगना विकास पहले महिला की मदद से दुष्कर्म का केस दर्ज कराता था और बाद में उसे खत्म कराने के नाम पर रंगदारी मांगता था। गिरोह एक व्यापारी को दो बार जेल भी भिजवा चुका है। विकास पर कैंट, शाहपुर, चिलुआताल समेत शहर के अन्य थानों में धोखाधड़ी व जालसाजी समेत अन्य धाराओं में नौ केस दर्ज हैं। वहीं रेखा सिंह पर तीन केस दर्ज है।विकास पादरी बाजार स्थित एक नर्सिंग होम में प्रबंधक था। इसके माध्यम से उसकी जान-पहचान कई व्यापारियों से हो गई। उसने व्यापारी संजय अग्रवाल, प्रवीन प्रकाश, अमित सिंह समेत अन्य से ठगी की। विकास, प्रबंधक से होटल मालिक बनना चाहता था, इसके लिए उसने ठगी का जाल बिछाया। लोगों से ठगी करने के बाद उसने एक अस्पताल भी खोला, लेकिन वह संचालित नहीं हो सका।एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि फर्जी दुष्कर्म का केस दर्ज कराकर उसे समाप्त कराने के लिए लोगों से धन उगाही करने वाले गिरोह के सरगना विकास कुमार सिन्हा और महिला सदस्य रेखा सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस टीम लगी हुई है।