आठ में से चार पनडुब्बी का निर्माण डब्ल्यूएसआइजी द्वारा किया जाना है जबकि शेष चार का निर्माण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टीओटी) समझौते के तहत केएस एंड ईडब्ल्यू (कराची शिपयार्ड एंड इंजीनियरिंग वर्क्स) में किया जा रहा है। उन्नत तकनीक से लैस इन पनडुब्बियों को खतरनाक वातावरण में संचालित करने के लिए अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों से सुसज्जित किया जाना है।चीन ने पाकिस्तान को अत्याधुनिक युद्धपोत उपलब्ध कराने के लिए आठ हैंगर श्रेणी की पनडुब्बियों में से पहली लांच की है। वुचांग शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री ग्रुप (डब्ल्यूएसआइजी) शुआंगलिउ बेस पर शुक्रवार को आयोजित लांच समारोह में पाकिस्तान नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ ने भाग लिया।आठ में से चार पनडुब्बी का निर्माण डब्ल्यूएसआइजी द्वारा किया जाना है, जबकि शेष चार का निर्माण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टीओटी) समझौते के तहत केएस एंड ईडब्ल्यू (कराची शिपयार्ड एंड इंजीनियरिंग वर्क्स) में किया जा रहा है।उन्नत तकनीक से लैस इन पनडुब्बियों को खतरनाक वातावरण में संचालित करने के लिए अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों से सुसज्जित किया जाना है। इस दौरान नौसेना प्रमुख ने कहा कि हैंगर-क्लास एस/एम प्रोजेक्ट पाक-चीन मित्रता में नया आयाम जोड़ेगा और दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य सहयोग को दर्शाता है।दोनों देशों ने 2018 में चार बहुउद्देश्यीय युद्धपोतों के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। पहला और दूसरा जहाज पीएनएस तुगरिल और पीएनएस तैमूर 2022 में पीएन बेड़े में शामिल हुए।