रविवार को वीसीए सिविल लाइंस स्टेडियम में जब फैज फजल विदर्भ के लिए आखिरी बार बल्लेबाजी करने उतरे तो दोनों टीमों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। 18 साल की उम्र में 17 दिसंबर 2003 को विदर्भ क्रिकेट ग्राउंड पर अपना पहला रणजी मैच खेला था। रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करते हुए फैज ने 151 रन बनाए थे।विदर्भ के सबसे सफल कप्तान फैज फजल ने रविवार को घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। वीसीए सिविल लाइंस स्टेडियम में हरियाणा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच के चौथे दिन सोमवार को दो दशकों से अधिक के शानदार करियर में आखिरी बार मैदान पर उतरे। फैज फजल ने दो बार विदर्भ को ट्रॉफी जिताई है।रविवार को वीसीए सिविल लाइंस स्टेडियम में जब फैज फजल विदर्भ के लिए आखिरी बार बल्लेबाजी करने उतरे तो दोनों टीमों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। 18 साल की उम्र में 17 दिसंबर 2003 को विदर्भ क्रिकेट ग्राउंड पर अपना पहला रणजी मैच खेला था। रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करते हुए फैज ने 151 रन बनाए थे। रेलवे में कुछ समय के लिए स्थानांतरित होने के बाद फैज वापस विदर्भ में आ गए।गौरतलब हो कि फैज ने उस टीम का नेतृत्व किया जिसने विदर्भ क्रिकेट का स्वर्णिम अध्याय लिखा। उन्होंने 2017-18 और 2018-19 में विदर्भ को रणजी ट्रॉफी और ईरानी कप जीत दिलाई। फैज ने कोच चंद्रकांत पंडित के साथ मिलकर विदर्भ को घरेलू सर्किट में कमजोर टीम से एक ताकतवर टीम में बदल दिया। फैज ने केवल एक अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच खेला है। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने पहले वनडे इंटरनेशनल मैच में नाबाद 55 रन बनाए।अपनी दृढ़ बल्लेबाजी के साथ फैज को जूनियर क्रिकेट में 2004 में अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए उन्हें शिखर धवन के साथ सलामी बल्लेबाज के रूप में भारतीय टीम में शामिल किया गया था। हालांकि, एक दुर्भाग्यपूर्ण चोट के कारण उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। फैज को इंडिया कैप के लिए अगले 12 साल तक इंतजार करना पड़ा। 15 जून 2016 को उन्हें वनडे कैप मिली थी। हालांकि, इसके बाद वह कभी टीम इंडिया में नजर नहीं आए।