अम्बेडकरनगर में सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पंहुचाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अपना खुद का कार्यालय नसीब नहीं हो रहा है। 5 वर्ष के बच्चों को खेल के साथ शिक्षा देने, उनके स्वास्थ्य की देखभाल करने के साथ ही गर्भवती व धात्री महिलाओं को योजनाओं का समुचित ढंग से लाभ दिलाने वाली आंगनबॉडी कार्यकत्रियों के कामकाज करने के लिए खुद का निजी कार्यालय नहीं है।आगनबाड़ी केंद्र या तो प्राइवेट भवन में संचालित हो रहे है या प्राइमरी स्कूल में। निजी कार्यालय न होने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।जिले में 2551 आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से पुष्टाहार का भी वितरण किया जाता है। इसमें मात्र 421 आंगन बॉडी केंद्र का अपना भवन है। जबकि 29 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में तथा 108 पंचायत भवन में तथा 1993 आंगनबाड़ी केंद्र परिषदीय विद्यालय भवन में संचालित हैं। अपना भवन न होने से अक्सर योजनाओं के संचालन में भी विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है।जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि 54 आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। मार्च तक वह विभाग को मिल जाएगा। वही 41 आंगनबाड़ी केंद्र के नए भवन के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। 11 लाख 88 हजार रुपये की लागत से प्रत्येक भवन के निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद इनके भवन का काम भी प्रारंभ कर दिया जाएगा।