आजमगढ़। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आगामी 23 से 25 फरवरी तक हरिऔध कला केन्द्र आजमगढ़ में आयोजित होने वाले आजमगढ़ साहित्य महोत्सव-2024 के लोगो का अनावरण किया।जिलाधिकारी ने कहा कि आजमगढ़ का एक लंबा साहित्यिक इतिहास रहा है, आजमगढ़ की धरती साहित्यकारों की धरती है, यहां पर बहुत बड़े-बड़े विश्वविख्यात साहित्यकार, कवि एवं लेखक हुए हैं। उन्होने कहा कि अयोध्या सिंह हरिऔध, राहुल सांकृत्यायन, कैफ़ी आज़मी, पंडित लक्ष्मी नारायण मिश्र जैसे एक से एक साहित्यकार, लेखक एवं कवियों ने भारत एवं विश्व में आजमगढ़ का नाम रोशन किया है। उन्होने कहा कि आजमगढ़ साहित्य महोत्सव-2024 कराये जाने का उद्देश्य आज के लेखकों, कवियों एवं रचनाकारों, साहित्यकारों को मंच प्रदान किया जाना है। उन्होने कहा कि साहित्य एवं भाषा के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को साहित्यिक मंच प्रदान करना इसका मूल उद्देश्य है। इसके माध्यम से नयी प्रतिभाएं निकलकर आयेंगी। उन्होने कहा कि वरिष्ठ साहित्यकारों एवं नवोदित साहित्यकारों को मंच प्रदान करना है। उन्होने कहा कि आज के समय में जो हमारे छात्र-छात्राएं एवं आम जनमानस हैं, उनको हिंदी साहित्य से जोड़ने, उन्हें अपनी विरासत को समझने के लिए यह साहित्यिक महोत्सव कराया जा रहा है, जिसमें जनपद से जुड़े सभी साहित्यकारों द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा। उन्होने कहा कि इसमें हम लोगों का प्रयास होगा कि विद्यालयों में जो विद्यार्थी हिंदी साहित्य में गद्य एवं काव्य के लेखन में कार्य कर रहे हैं, उनमें से हम लोग कुछ लोगों को जनपद स्तरीय मंच पर अवसर देंगे। उन्होने सभी जनपद वासियों से अपील किया कि दिनांक 23 से 25 फरवरी तक हरिऔध कला केन्द्र आजमगढ़ में आयोजित आजमगढ़ साहित्य महोत्सव में प्रतिभा करें।जिलाधिकारी ने बताया कि दिनांक 23 फरवरी को अपरान्ह 1ः30 बजे से 1ः40 बजे तक अतिथि आगमन, दीप प्रज्ज्वलन एवं उद्घाटन, 1ः40 बजे से 1ः50 बजे तक सरस्वती वन्दना, 1ः50 बजे से 2ः00 बजे तक साहित्य विभूतियों के चित्र पर माल्यार्पण, 2ः00 बजे से 2ः10 बजे तक अतिथि स्वागत, 2ः10 बजे से 2ः40 बजे तक साहित्यकार परिचय सत्र, अपरान्ह 3ः00 बजे से 4ः00 बजे तक स्टोरी टेलिंग, अपरान्ह 4ः00 बजे से 5ः00 बजे तक पुरस्कार प्राप्त जनपद के लेखकों द्वारा अपनी रचनाओं पर संवाद एवं अपरान्ह 5ः00 बजे से 5ः30 बजे तक साहित्यकार सम्मान एवं आजमगढ़ साहित्य महोत्सव का उद्बोधन, दिनांक 24 फरवरी को प्रातः 10ः00 बजे से 12ः30 बजे तक श्री हरिऔध जी और श्री राहुल जी विश्वनाथलाल शैदा के कृतित्व व व्यक्तित्व पर चर्चा, अपरान्ह 12ः30 बजे से 1ः30 बजे तक आजमगढ़ के समृद्ध साहित्यिक इतिहास पर व्याख्यान, अपरान्ह 2ः00 बजे से 3ः00 बजे तक नवोदित गद्य रचनाकारों द्वारा आजमगढ़ के साहित्य जगत के समक्ष प्रस्तुतिकरण, अपरान्ह 3ः00 बजे से 4ः00 बजे तक नवोदित पद्य रचनाकारों का मुख्य अतिथि द्वारा सम्मान, 4ः00 बजे से 5ः00 बजे तक डिजीटल युग मे साहित्य पर परिचर्चा, 5ः00 बजे से 6ः00 बजे तक कैफी आजमी व शिब्ली नोमानी के व्यक्तित्व पर चर्चा, 6ः00 बजे से 7ः00 बजे तक नवोदित रचनाकारों का कवि सम्मेलन व मुशायरा, दिनांक 25 फरवरी 2024 को प्रातः 10ः30 बजे से 12ः30 बजे तक आजमगढ़ की साहित्यिक धरोहरों को संरक्षित करने की कार्ययोजना पर परिचर्चा, 12ः30 बजे से 1ः30 बजे तक जनपद के पुस्तकालयों की दशा व दिशा पर परिचर्चा (स्कूली पुस्तकालय), 2ः00 बजे से 3ः00 बजे तक जनपद में महाविद्यालयों में साहित्य में युवाओं की अभिरूचि पर चर्चा, 3ः00 बजे से 4ः00 बजे तक पं0 लक्ष्मी नरायण मिश्र के कृतित्व व व्यक्तित्व पर चर्चा, 4ः00 बजे से 5ः00 बजे तक आजमगढ़ के साहित्यकारों द्वारा अपनी रचनाओं का संक्षिप्त प्रस्तुतिकरण व आजमगढ़ के अन्य साहित्यकारों के द्वारा अपनी रचनाओं का सूक्ष्म प्रस्तुतिकरण, 5ः00 बजे से 8ः00 बजे तक जनपद के ख्यातिलब्ध कवियों द्वारा कवि सम्मेलन व मुशायरा तथा 8ः00 बजे से 8ः30 बजे तक सम्मान, आभार एवं कार्यक्रम का समापन किया जायेगा।



