सदरपुर से 11 जनवरी को लापता हुए किसान उमेश कई दिन बाद भी बरामद न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार को मधुबन बापूधाम थाने का घेराव कर दिया। नाराज ग्रामीणों ने तीन घंटे तक थाने पर हंगामा किया। किसानों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपित पकड़ लिया है। पूछताछ में आरोपित ने उमेश की हत्या कर शव गंगनहर में फेंकना बताया है। सदरपुर से 11 जनवरी को लापता हुए किसान उमेश कई दिन बाद भी बरामद न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार को मधुबन बापूधाम थाने का घेराव कर दिया। नाराज ग्रामीणों ने तीन घंटे तक थाने पर हंगामा किया।किसानों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपित पकड़ लिया है। पूछताछ में आरोपित ने उमेश की हत्या कर शव गंगनहर में फेंकना बताया है। इसके बाद भी पुलिस ने शव की तलाश शुरू नहीं की है।शनिवार को मधुबन बापूधाम थाने पहुंचे ग्रामीणों के साथ लापता किसान उमेश के पुत्र अंकुर ने बताया कि 11 जनवरी को उनके पिता गोविंदपुरम में प्रॉपर्टी डीलर नीरज कौशिक से उधार दी गई रकम वापस लेने गए थे। उसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चला है।मधुबन बापूधाम थाने में 15 जनवरी को उनकी शिकायत पर प्रापर्टी डीलर नीरज कौशिक पर केस दर्ज किया गया। अंकुर ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने नीरज कौशिक को मुकदमा दर्ज करने के एक दिन बाद ही छोड़ दिया था। उसके बाद से पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले दिन से ही इस मामले में लापरवाही बरती है। थाना परिसर में एकत्र ग्रामीणों ने थाना प्रभारी अंकित तरार पर डीसीपी सिटी के सामने ही आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे मामले में उन्होंने सबसे ज्यादा लापरवाही बरती है। ग्रामीणों के कई बार कहने के बाद भी थाना प्रभारी ने ठीक से कार्रवाई नहीं की और न ही पूछताछ की।इस वजह से कई दिन बीतने के बाद भी उमेश का कुछ पता नहीं चल पाया है। आरोपित की पत्नी और भाभी को भी छोड़ने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।