भारतीय मूल के बिजनेसमैन गौरव श्रीवास्तव ने कथित तौर पर सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के एजेंट के तौर पर खुद को पेश किया और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो से नजदीकियां बढ़ाई। ऐसा उन्होंने फाइटर जेट और अन्य सैन्य उपकरणों से जुड़ी अरबों डॉलर की डिफेंस डील हासिल करने की कोशिश में किया। ये दावा ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट की रिपोर्ट में किया गया है।
कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में उनके पूर्व बिजनेस पार्टनर नील्स ट्रोस्ट द्वारा दायर मुकदमों को अनुसार, यह कथित योजना तब शुरू हुई जब श्रीवास्तव ने रिकॉर्ड की गई फोन कॉलों में दावा किया कि वह CIA के लिए काम करता है।
इंडोनेशिया के अधिकारियों तक पहुंच बनाने के लिए खुद को CIA एजेंट बताया
मुकदमों में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने इन दावों का इस्तेमाल इंडोनेशिया के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच बनाने के लिए किया। वे 2020 में वॉशिंगटन डीसी और जकार्ता में हुई हाई लेवल बैठकों में तत्कालीन रक्षा मंत्री प्राबोवो सुबियांतो के साथ शामिल हुए, जहां सैन्य खरीद पर चर्चा हुई थी।
'लेटर ऑफ इंटेंशन' के तीन दस्तावेज हासिल किए
उस साल, श्रीवास्तव ने फाइटर जेट और अन्य सैन्य उपकरण खरीदने की योजनाओं का विवरण देते हुए 'लेटर ऑफ इंटेंशन' के तीन दस्तावेज हासिल किए। बाद में, 2021 और 2022 में उन्होंने दो और डिफेंस खरीद समझौतों के लिए एक और 'लेटर ऑफ इंटेंशन' और एक MoU हासिल किया। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्ताविक समझौतों में से किसी के भी तहत इंडोनेशियाई सरकार ने कोई खरीद नहीं की।
2020 और 2022 के बीच, श्रीवास्तव द्वारा नियंत्रित चार कंपनियों ने इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय और एक सरकारी डिफेंस कंपनी से पाँच शुरुआती डिफेंस समझौते हासिल किए। इस दौरान, एक साइनिंग सेरेमनी में श्रीवास्तव को प्राबोवो और एक कंपनी एग्जीक्यूटिव के साथ देखा गया और बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में समझौते की सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई।
प्रस्तावित सौदों में 36 F-15 फाइटर जेट शामिल
प्रस्तावित सौदों में 36 F-15 फाइटर जेट, UH-60 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर, C-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के लिए एक जॉइंट ऑपरेशन्स कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की आपूर्ति शामिल थी। 2022 में, अमेरिका ने 13.9 बिलियन डॉलर तक की डील में इंडोनेशिया को 36 F-15 फाइटर जेट और संबंधित उपकरण बेचने की मंजूरी दी।
हालांकि, कॉर्पोरेट रिकॉर्ड से पता चला कि समझौतों के पीछे की चार कंपनियां 'शेल एंटिटी' थीं, जिन्हें डिफेंस खरीद का कोई पिछला अनुभव नहीं था। बाद में टैक्स न भरने की वजह से उन सभी का रजिस्ट्रेशन रद कर दिया गया और फाइटर जेट की प्रस्तावित बिक्री के बारे में US डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी की घोषणा में उनमें से किसी का भी जिक्र नहीं था।
श्रीवास्तव ने इंडोनेशिया के प्रभावशाली बिजनेसमेन के साथ भी नजदीकियां बढ़ाईं
कानूनी शिकायत के अनुसार, श्रीवास्तव ने इंडोनेशिया के प्रभावशाली बिजनेसमेन के साथ भी नजदीकियां बढ़ाईं, जिनमें प्राबोवो के भाई और अरसारी ग्रुप के चेयरमैन हाशिम जोजोहादिकुसुमो भी शामिल थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ट्रूस्ट ने श्रीवास्तव के इस दावे पर भरोसा किया कि वह अच्छी जान-पहचान वाला CIA ऑपरेटिव है, और अपनी कंपनी में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी उसे ट्रांसफर कर दी।
इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में श्रीवास्तव ने उनकी कंपनी से अरसारी ग्रुप को 51 मिलियन डॉलर का लोन दिलवाया।
बिजनेसमेन ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने CIA एजेंट होने के दावों को अपने पूर्व बिजनेस पार्टनर नील्स ट्रूस्ट द्वारा फैलाई गई पूरी तरह से मनगढ़ंत बातें बताया है। ट्रूस्ट पर रूसी तेल का व्यापार करने के कारण यूनाइटेड किंगडम,यूरोपीय संघ और स्विट्जरलैंड ने प्रतिबंध लगाए थे।
