सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ
कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।माननीय मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, सुरक्षित यातायात व्यवहार को प्रोत्साहित करने तथा सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने विकास भवन परिसर से 07 जुलाई से 21 जुलाई, 2026 तक संचालित होने वाले 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, परियोजना अधिकारी डीआरडीए, जिला विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, एआरटीओ, डीसी एनआरएलएम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आईआईटी मद्रास के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी (COERS) के प्रतिनिधि श्री हेमेंद्र शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान केवल 15 दिवसीय अभियान नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने की एक व्यापक पहल है। इसका उद्देश्य इंजीनियरिंग (Engineering), प्रवर्तन (Enforcement), शिक्षा (Education), आपातकालीन चिकित्सा सहायता (Emergency Care) तथा जनभागीदारी के समन्वित प्रयासों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं, मृत्यु एवं गंभीर रूप से घायल होने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाना है। उन्होंने कहा कि अभियान का मूल संकल्प है कि "हर नागरिक सुरक्षित घर लौटे" तथा सड़क सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बने। *अभियान का शुभारंभ "नारी शक्ति द्वारा सुरक्षित अम्बेडकरनगर" थीम के साथ किया गया। जिलाधिकारी ने बड़ी संख्या में उपस्थित सड़क सुरक्षा सखियों को संबोधित करते हुए उन्हें सड़क सुरक्षा जागरूकता की शपथ दिलाई तथा जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का सबसे अधिक सामाजिक एवं पारिवारिक प्रभाव महिलाओं पर पड़ता है। इसी कारण इस अभियान में महिलाओं को केंद्रीय भूमिका प्रदान की गई है। उन्होंने सड़क सुरक्षा सखियों से आह्वान किया कि वे अपने परिवार, पड़ोस एवं ग्राम स्तर पर लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें तथा 08 जुलाई से घर-घर जनसंपर्क कर लोगों को जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि जनपद में सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से संबंधित हैं। ऐसे में प्रत्येक वाहन चालक एवं पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने लोगों से नशे की अवस्था में वाहन न चलाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, यातायात नियमों का सम्मान करने तथा सुरक्षित वाहन संचालन की आदत विकसित करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार से सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।
मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने सड़क सुरक्षा सखियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों से अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान आईआईटी मद्रास (COERS) की विशेषज्ञ टीम द्वारा सड़क सुरक्षा सखियों को व्यवहार परिवर्तन आधारित जनजागरूकता, सुरक्षित यातायात एवं सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
यह 15 दिवसीय विशेष अभियान जिला प्रशासन, अम्बेडकरनगर के नेतृत्व में तथा आईआईटी मद्रास के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी (COERS) के तकनीकी सहयोग से संचालित किया जा रहा है। यह अभियान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) तथा आईआईटी मद्रास (COERS) के "डेटा ड्रिवन हाइपरलोकल इंटरवेंशन (Data Driven Hyperlocal Intervention-DDHI)" कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण एवं स्थानीय आंकड़ों के आधार पर लक्षित एवं प्रभावी सड़क सुरक्षा हस्तक्षेप किए जा रहे हैं।
